दक्षिणी लोकपुर मुहल्ले में बृहस्पतिवार सुबह ताबड़तोड़ फायरिंग से पूरा मुहल्ला दहल गया। कुछ देर बाद पीड़ित परिवार के लोग और मुहल्ले वाले उधर दौड़े तो तीन लोगों को गोली से घायल पड़ा देखा। खबर फैलने के साथ ही वहां पुलिस और पब्लिक की भीड़ लगती गई। आला अफसरों के साथ कई थानों की फोर्स पहुंच गई। मगर जब पूछताछ शुरू हुई तो परिजन और मुहल्ले के लोग कातिलों के बारे में स्पष्ट तौर पर कुछ बता नहीं सके। ऐसे में पुलिस को संदेह है कि विरोधियों ने शूटरों को सुपारी देकर कत्ल कराया है। पुलिस गहराई से जांच कर रही है। अभी यह भी जांच की जा रही है कि कत्ल के पीछे सहजन तोड़ने का तात्कालिक विवाद था या फिर जमीन के झगड़े के चलते यह वारदात अंजाम दी गई।
हरिश्चंद्र तीन भाइयों में मंझले थे। सबसे बड़े रामचंद्र रिटायरमेंट के बाद नेपाल में रहते हैं। छोटे भाई अमृतलाल परिवार सहित हरिश्चंद्र के ही पडो़स में बसे हैं। उनकी बहुत ज्यादा जमीन भी नहीं है। हरिश्चंद्र खेत में सब्जी उगाकर बेचते थे। अब पता चला है कि पिछले साल जमीन पर कब्जे को लेकर उनकी ऐसे लोगों से रंजिश हो गई थी जो इलाके में जबरन भूमि कब्जाकर बेचने का गोरखधंधा करते हैँ। मगर बृहस्पतिवार सुबह की घटना के पीछे पत्नी गायत्री ने पुलिस को सहजन तोड़ने का विवाद बताया है।
मगर यह बात पुलिस के गले नहीं उतर रही है। हालांकि हरिश्चंद्र के छोटे भाई अमृतलाल ने पुलिस को तहरीर देकर कहा है कि जमीन के विवाद में यह घठना हुई है। उन्होंने तीन लोगों पर शक भी जताया जिन्होंने पहले भी धमकी दी थी। मगर हमले में उनमें से किसी के शामिल होने के बारे में भी कोई नहीं बता सका है। यही कारण है कि पुलिस इस पहलू पर जांच कर रही है कि कहीं दुश्मनों ने भाड़े के शूटरों से तो यह डबल मर्डर न कराया हो। मौके पर मिले प्वाइंट 32 बोर के 4 खोखों से े भी इस वारदात में सुपारी लेकर कत्ल करने वाले बदमाशों के शामिल होने का संकेत मिला है। घटना के बाद लोगों में इस कदर दहशत थी कि कोई अपनी जुबान नहीं खोल रहा था। पुलिस को बवाल का डर था इसलिए कई थानोें की पुलिस और पीएसी के साथ ही दमकल की भी गाड़ी भी बुलाकर वहां खड़ी कर दी गई थी।