साइबर क्राइम सेल ने पिछले साल ड्राइवर की हत्या कर ट्रक लूटने वाले गिरोह के एक बदमाश को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से कत्ल में इस्तेमाल चाकू भी बरामद हो गया। इस गिरोह के तीन लोग पहले से जेल में बंद हैं जबकि चार बदमाश हैं। उनकी तलाश की जा रही है। एसएसपी केएस इमैनुएल ने बताया कि पिछले साल 27 दिसंबर की रात रायबरेली से प्लाईवुड लादकर सतना जा रहे ट्रक के ड्राइवर बृजेंद्र की गला काटकर हत्या के बाद बदमाशों ने ट्रक लूट लिया था। हालांकि पुलिस की चेकिंग के चलते बदमाश ट्रक को प्रतापगढ़ के हथिगवां इलाके में ढाबा के बाहर छोड़कर चले गए। ड्राइवर की लाश थरवई इलाके में मिली थी।
बाद में उसकी पहचान हो सकी। ड्राइवर बृजेंद्र का मोबाइल भी गायब था। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि ट्रक में जीपीएस लगा है। उसके जरिए ट्रक की लोकेशन पुलिस को मिलने लगी थी। बाद में ड्राइवर का लूटा गया मोबाइल भी दूसरा सिम लगाकर चालू किया गया तो पुलिस ने उसकी निगरानी शुरू कर दी। सोमवार दोपहर को साइबर क्राइम सेल प्रभारी ज्ञानेंद्र राय ने इस मुकदमे के विवेचक अंजनी कुमार राय के साथ सिविल लाइंस के हनुमान मंदिर चौराहे पर घेराबंदी कर एक व्यक्ति को दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम शेर अली और पता वैधा, थाना हलिया जनपद मिर्जापुर बताया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने कत्ल में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया। पूछताछ में पता चला कि शेर अली अपने गिरोह के साथियों संग रात में किसी गाड़ी में निकलता और नया ट्रक देखकर पीछे लग जाते।
फिर रास्ते में कहीं ट्रक रोककर वे उसमें बैठ जाते और मौका मिलते ही ड्राइवर की हत्या कर ट्रक लूट लेते थे। लूटा गया ट्रक वे कानपुर, वाराणसी या बिहार ले जाकर बेच देते थे। इस गिरोह में शामिल तीन लोग मेजा में खौर गांव का राजाबाबू यादव, करछना के चनैनी गांव का मोहम्मद अकरम और साधु कुटी चौराहा करछना का अरुण पांडेय जेल में हैं। उन तीनों को करछना पुलिस ने चोरी के ट्रैक्टरों समेत गिरफ्तार किया था। इसके अलावा गिरोह के बदमाश मेजा में लोटाढ़ गांव का मुश्ताक उर्फ बच्चन, शिवराजपुर शंकरगढ़ का बृजेश पासी, कपारी मोड़ शंकरगढ़ का ददुल्ली कोल और मैदनिया गांव मेजा का तबरेज फरार है। पुलिस इस गिरोह के फरार बदमाशों की तलाश में जुटी है। एसएसपी ने टीम को ढाई हजार रुपये का इनाम दिया है।