राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया रविवार सुबह दलित शंकरलाल के घर पहुंचे। घटना के बारे में शंकरलाल के घरवालों से बातचीत भी की। हालांकि दीपक की लाश मिलने के बाद से ही दलितों के घर के पुरुष फरार हैं। घर में केवल महिलाएं और बच्चे हैं। पीएल पुनिया शंकरलाल की पत्नी फूला देवी से मिले और उनसे घटना के बारे में पूछा। फूला देवी ने बताया कि रात में उनके घर पर कुछ युवक आए थे, जिन्होंने परिवार को धमकी दी। साथ ही पुलिस भी उन्हें परेशान कर रही है। इस पर पीएल पुनिया ने थाना प्रभारी से पूछताछ की और घटना के बारे में जानकारी ली। शंकरलाल की पत्नी ने अध्यक्ष से सुरक्षा एवं निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई।
पीएल पुनिया गांव में उस घर तक भी गए, जहां खून के छींटों पर पोछा लगाकर दीपक की हत्या का साक्ष्य मिटाया गया था। इसके बाद उस खेत में गए, जहां दीपक की लाश मिली थी। वह तकरीबन आधे घंटे तक गांव में रहे। बाद में सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने घटना की निंदा की और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग की। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि घटना की वजह तात्कालिक थी। इस दौरान वह भाजपा पर निशाना साधने में भी पीछे नहीं रहे। कहा कि दलितों के उत्थान के लिए बीजेपी सरकार के पास कोई नीति नहीं है। यहां तक कि बजट भी कम कर दिया गया है। केंद्र सरकार दलितों के लिए जुबानी बात कर रही है। उन्होंने कहा कि यूपी में दलितों का उत्पीड़न बढ़ा है। आयोग समीक्षा करेगा कि यूपी में दलितों के विकास के लिए सरकार ने कितना काम किया। उन्होंने कहा कि दलित जागरूक हो रहा है। जिसके चलते सामंतवादी लोग उनका विरोध करते हैं और ऐसी निंदनीय घटनाएं होती हैं। आरोप लगाया कि भाजपा सांप्रदायिकता के बूते विधानसभा चुनाव जीतना चाहती है। प्रदेश सरकार पर निशाना साधा और कहा कि मंत्री बेलगाम हो गए हैं। पत्रकारों और सरकारी कर्मचारियों पर हमले के आरोपी मंत्री खुलेआम घूम रहे हैं। मांझी के बीजेपी के प्रति बढ़े लगाव पर बोले कि मांझी अपने निजी हित के लिए बीजेपी के साथ हैं।