करीब एक माह पहले फूलपुर इलाके में विवाहित युवती उषा की हत्या के बाद लाश पुआल में छिपाने की घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों का युवती से नाजायज रिश्ता था। उनमें एक टेंट कारोबारी है। पुलिस ने युवती के पति से पूछताछ और मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर इन दोनों को उठाया। इन आरोपियों ने कबूला कि उषा उनसे इलाज के लिए पैसे मांग रही थी। इनकार करने पर उसने थाने में बलात्कार का मुकदमा लिखाने की धमकी दी जिसके बाद उसे शराब पिलाकर चाकू से गोदकर मार डाला था।
अमोलवा कला गांव फूलपुर में रहने वाला गुल्लू मुसहर जौनपुर के ईंट-भट्ठे में काम करता है। यहां घर में उसकी पत्नी उषा बच्चे संग रहती थी। आठ दिसंबर को उषा मुंगराबादशाहपुर (जौनपुर) में अपनी बहन के यहां जाने को निकली। गुल्लू ने ही उसे शाम चार बजे ऑटो में बैठाया। फिर वह खुद काम पर चला गया। कई दिन बाद लौटने पर उसे पत्नी के लापता होने का पता चला। वह थाने गया तो पता चला कि 15 दिसंबर को बगल के महजुदवा गांव में पुआल के ढेर में युवती की लाश मिली थी। उसने शव की शिनाख्त पत्नी उषा के तौर पर की। पुलिस ने पति से पूछताछ की तो उसने अपने ही गांव के टेंट कारोबारी रामखेलावन यादव और बगल के करूआडीह गांव निवासी राकेश कुमार पर शक जताया। पहले वह रामखेलावन के टेंट हाउस में काम करता था। उसे शक था कि रामखेलावन तथा राकेश से उसकी पत्नी उषा के बीच अवैध रिश्ता है। पुलिस ने उषा के लापता मोबाइल फोन की कॉल डिटेल हासिल की तो उसमें भी आखिरी कॉल रामखेलावन की ही थी। पुख्ता सुबूत मिलने के बाद फूलपुर थाना प्रभारी रमेंद्र सिंह ने उपनिरीक्षक धीरज सिंह और सिपाहियों सोबरन तथा शिवबचन यादव के साथ मिलकर रामखेलावन तथा राकेश को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में उन दोनों ने उषा के कत्ल का जुर्म कुबूल लिया। रामखेलावन ने बताया कि उषा के साथ उसका तीन साल से मिलना-जुलना था। राकेश से भी वह चोरी-छिपे मिलती थी। दोनों से पैसे भी लेती थी। इधर कुछ समय से उसकी तबीयत खराब रहने लगी। डॉक्टर ने बच्चेदानी में खराबी बताकर ऑपरेशन की सलाह दी जिसमें 20 हजार से ज्यादा पैसे लगने थे। उषा ने उन दोनों से पैसों की मांग की। इनकार पर धमकाया कि उन दोनों के खिलाफ थाने में बलात्कार का मुकदमा लिखा देगी। ऐसे में घबराकर उन्होंने उषा के कत्ल का प्लान बना लिया। आठ दिसंबर को वह बहन के यहां जाने को निकली तो उन दोनों ने उसे फूलपुर कस्बे में ऑटो से उतार लिया। फिर पैसे देने का झांसा देकर उसे साथ ले लिया। बाजार से शराब की बोतल और चाकू खरीदा। रात में उसे आठ बजे महजुदवा गांव में पुआल के ढेर पर ले गए। वहां तीनों ने बैठकर शराब पी। उषा नशे में डूबी तो चाकू से उसकी गर्दन रेत दी। फिर लाश पुआल के नीचे छिपाकर दोनों भाग गए। चाकू वहीं फेंक दिया और मोबाइल तोड़कर नाले में डाल दिया।