पोस्टमार्टम घर पर मौजूद परिजन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
गंगापार के हंडिया इलाके में रविवार रात खेती और झोलाछाप डॉक्टरी करने वाले शोभनाथ यादव (48) को उसके चचेरे भाई ने ही गले में पेचकस घोंपकर मार डाला। वह देर रात एक शादी से घर लौटा तो देखा कि चचेरा भाई उसकी बेटी से मारपीट कर रहा है। विरोध करने पर घातक हमला कर दिया। कत्ल के बाद आरोपी चचेरा भाई पत्नी-बच्चों समेत घर में ताला लगाकर फरार हो गया। उसकी तलाश की जा रही है।
पूरे गोबई गांव में रहने वाला शोभनाथ यादव चार भाइयों में बड़ा था। उसके दो भाई मुंबई और सूरत में रहते हैं। चौथे भाई बहादुर का देहांत हो चुका है जिसका पुत्र मनोज यहां गांव में रहता है। शोभनाथ के एक पुत्र पंकज और चार बेटियां हैं। दो बेटियों का वह ब्याह कर चुका था। रविवार रात वह एक रिश्तेदार की बारात में गया था। उसका पुत्र पंकज भी चचेरे भाई मनोज के साथ शादी में गया था। रात करीब एक बजे शोभनाथ घर पहुंचा तो देखा कि उसकी बेटी गुड़िया को चचेरा भाई पंचलाल पीट रहा है। विरोध करने पर पंचलाल ने शोभनाथ पर हमला कर दिया। मारपीट के दौरान ही पंचलाल ने अचानक शोभनाथ के गले में पेचकस से वार किया। पेचकस गले में अंदर तक घुस गया। शोभनाथ गिरकर छटपटाने लगा। उसकी पत्नी पुष्पा और बेटियां रोने-चीखने लगीं तो गांववाले आ गए। इसी बीच हमलावर पंचलाल अपनी पत्नी-बच्चों को लेकर घर में ताला लगाकर भाग निकला।
खबर पाकर रात तीन बजे शोभनाथ का पुत्र पंकज भी चचेरे भाई मनोज के साथ शादी से लौटकर आया तो उसे निजी अस्पताल ले गया। मगर डॉक्टर ने बताया कि शोभनाथ की मौत हो चुकी है। शव वापस घर ले जाया गया। फिर सूचना पाकर हंडिया थाने की पुलिस पहुंची। एसपी गंगापार राजेश कुमार भी सीओ के साथ आए और परिजनों से घटना की जानकारी ली। बेटी गुड़िया ने बताया कि वह घर के दरवाजे के सामने चारपायी पर लेटी थी तभी रात करीब पौने एक बजे पंचलाल मैजिक गाड़ी लेकर आया और हार्न बजाने लगा। उसने उठकर चारपायी हटा ली तब भी पंचलाल उसे गालियां देने लगा और घर गिराने की धमकी दी। गुड़िया ने जबरन गालीगलौज देने का विरोध किया तो पंचलाल उसे डंडे से पीटने लगा था। तभी उसका पिता शोभनाथ आया तो नशे में धुत पंचलाल ने उसे मार डाला। वह पहले भी धमकी दे चुका था कि शोभनाथ की हत्या कर देगा। पुलिस ने बेटे पंकज की तहरीर पर पंचलाल के खिलाफ मुकदमा लिखा है। पुलिस ने बताया कि शोभनाथ और पंचलाल के बीच अक्सर कहासुनी होती थी।
शोभनाथ चार बेटियों में दो कविता और गुड़िया का ब्याह कर चुका था। बबिता और सरिता की शादी होनी है। सरिता का एक जगह रिश्ता तय हो गया था। 28 अप्रैल को सगाई होनी थी। इसीलिए बाकी दोनों बेटियां भी मायके आई थीं। कत्ल की घटना अब घर में कोहराम मचा है।
शोभनाथ हत्याकांड में सोमवार दोपहर करीब एक बजे चीरघर पर भी हंगामा हो गया। पंचनामा रिपोर्ट में कुछ कमी की वजह से पोस्टमार्टम में देरी होने लगी तो परिजनों के साथ आए बसपा के एक नेता ने गुस्सा जताते हुए डॉक्टरों को अपशब्द कह दिए। इस पर नाराज डॉक्टरों और कर्मचारियों ने पोस्टमार्टम का काम ठप कर दिया। पुलिस भी आ गई। करीब आधे घंटे बाद किसी तरह मामला ठंडा हुआ।