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करवरिया बंधुओं को झटकाः कोर्ट ने नहीं दी मुकदमा वापस लेने की इजाजत

Tue, 11 Dec 2018 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
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प्रयागराज - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो,प्रयागराज
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जवाहर हत्याकांड का मुकदमा वापस लिए जाने की प्रदेश सरकार की कोशिश को अदालत से झटका लगा है। कोर्ट ने केस वापसी की अनुमति देने से इंकार करते हुए मुकदमे का ट्रायल आगे बढ़ाने का आदेश दिया है। अभियोजन की अर्जी निरस्त करते हुए कोर्ट ने कहा कि उसने अपने स्वतंत्र न्यायिक विवेक का प्रयोग नहीं किया है। अभियोजन की कार्यवाही सद्भावना पूर्वक की गई प्रतीत नहीं होती है । अभियोजन यह भी बताने में असफल रहा है कि मुकदमा वापसी जनहित में किस तरह है। कोर्ट ने पक्षकारों को मुकदमे में बहस आगे बढ़ाने का आदेश देते हुए 11 दिसंबर की तारीख नियत की है।
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यह आदेश एडीजे रमेश चन्द्र ने अभियोजन, बचाव पक्ष और पीड़ित पक्ष तथा वादी के अधिवक्ता को सुनकर दिया है। अभियोजन के विशेष अधिवक्ता रणेन्द्र प्रताप सिंह ने न्याय विभाग उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी शासनादेश और डीएम के आदेश की प्रति के साथ जवाहर हत्याकांड का मुकदमा वापस लेने के लिए तीन नवंबर 2018 को कोर्ट में अर्जी प्रस्तुत की थी। अभियोजन की दलील थी कि मुकदमे में अभियुक्तों को सजा के लिए पर्याप्त साक्ष्य और आधार नहीं है। अभियुक्तगण में पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया, पूर्व विधायक उदयभान करवरिया, एक एमएलसी सूरजभान करवरिया (तीनों सगे भाई) और एक पूर्व प्रधानाचार्य हैं, जिनका कोई आपराधिक इतिहास रिकार्ड मेें नहीं है। अभियुक्तों के दोषमुक्त होने से जनमानस पर कोई प्रतिकूल असर पड़ने की कोई संभावना नहीं है। राजनैतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण झूठा फंसाया गया है। अभियोजन की इस अर्जी पर पीड़ित पक्षकार की ओर से आपत्ति प्रस्तुत की गई।

अभियोजन की अर्जी पर विशेष अधिवक्ता आरपी सिंह और डीजीसी गुलाब चन्द अग्रहरि और पीड़ित पक्षकार की ओर से लल्लन सिंह यादव, वादी की ओर से धारा सिंह यादव, बचाव पक्ष की ओर से ताराचन्द गुप्ता, एलपी द्विवेदी और दयाशंकर मिश्र की ओर से तर्क प्रस्तुत किए गए।  पक्षकारों द्वारा लगभग 15 दिनों तक बहस की गई। छह दिसंबर को बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित कर लिया था।
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आदेश को चुनौती देगी सरकार
जवाहर हत्याकांड केस वापस लिए जाने की अभियोजन की अर्जी कोर्ट द्वारा खारिज होने के बाद अभियोजन आदेश के खिलाफ निगरानी दाखिल करेगा। जिला शासकीय अधिवक्ता गुलाब चन्द्र अग्रहरि ने बताया कि जवाहर हत्याकांड के मुकदमे को वापस लेने के लिए सरकार के आदेश पर अभियोजन ने कोर्ट में अर्जी दी थी, जिसे कोर्ट ने सोमवार को निरस्त कर दिया है। न्यायालय के आदेश के खिलाफ अभियोजन की ओर से हाईकोर्ट में निगरानी प्रस्तुत की जाएगी।

आदेश को जानने के लिए समर्थकों की रही भारी भीड़
सोमवार को जवाहर हत्याकांड मुकदमा वापसी के अभियोजन की अर्जी पर कोर्ट के आदेश को जानने के लिए न्यायालय परिसर के  बाहर करवरिया परिवार के समर्थकों की भारी भीड़ एकत्र थी। सुबह दस बजे से ही समर्थक कोर्ट के बाहर आदेश के निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे थे। निर्णय आने के बाद समर्थकों में काफी निराशा देखने को मिली। लोग इस उम्मीद में थे कि मुकदमा वापस होने की अर्जी मंजूर होने पर करवरिया बंधु जेल से जल्दी रिहा हो जाएंगे।
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