दो सप्ताह गुजरने के बाद भी जीवन ज्योति हॉस्पिटल के निदेशक डॉ.एके बंसल हत्याकांड में एसटीएफ और क्राइम ब्रांच की पांच टीम एक ऐसा सुराग खोजने के लिए जूझ रही हैं जिसके सहारे शूटरों तथा सुपारी देने वाले दुश्मन को गिरफ्त में लिया जा सके। यूपी के ज्यादातर शार्प शूटरों की टोह लेने के बाद जांच टीमों ने पिछले तीन दिनों से बिहार, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र पुलिस से संपर्क साधा है। इन राज्यों में एक-एक टीम भेजी गई है पर कोई नतीजा नहीं निकला।
एसटीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि 12 जनवरी की शाम घटना के हफ्ते भर के भीतर ही डॉ.बंसल से जुड़े सभी प्रमुख विवादों में काफी हद तक जांच कर ली गई। सीतापुर के महर्षि विश्वविद्यालय, कौशाम्बी में भरवारी स्थित मेहता ट्रस्ट, सिविल लाइंस में करोड़ों की जमीन को लेकर दबंग विधायक से तनातनी और बिहार के एक ठेकेदार से खुन्नस समेत एक दर्जन से ज्यादा बड़े विवादों को परखा गया, मगर कोई भी ऐसा सुराग नहीं मिला जिसके सहारे जांच टीम कातिलों तक पहुंच पाती। यूपी में इलाहाबाद से लेकर पूर्वाचल तक तकरीबन सभी अपराधियों की गतिविधियों को चेक किया गया,
150 से ज्यादा शूटर उठाए गए लेकिन कुछ पता नहीं चला तो तीन दिन से जांच टीमों ने दूसरे राज्यों के बदमाशों की कुंडली खंगालनी शुरू की है। पश्चिमी यूपी के अलावा दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार, मध्य प्रदेश में एसटीएफ और आला पुलिस अधिकारियों को संदिग्ध शूटर का स्केच भेजकर इस हुलिया से मिलते-जुलते अपराधियों की धरपकड़ में मदद मांगी गई है। हालांकि शुक्रवार शाम तक इन राज्यों से भी किसी अपराधी के बारे में ठोस जानकारी मिल सकी है। कुछ महीने पहले इलाहाबाद पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद जमानत पर रिहा होकर फरार कर्नाटक के एक अपराधी की भी लोकेशन नहीं मिल रही है। उसके बारे में पता चला है कि वह मुंबई में सुपारी लेकर कई कत्ल कर चुका था।