हनुमानगंज। सरायइनायत थाना क्षेत्र क्षेत्र के डुडुही गांव के अशोक भारतीय (42) की मौत के बाद शुक्रवार को जमकर बवाल हुआ। आरोप है कि अशोक को नशीला पदार्थ खिलाकर स्टांप पर अंगूठा लगवा लिया गया और सड़क किनारे फेंक दिया गया। दस दिन तक वह अस्पताल में भर्ती रहा लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। उसकी मौत के बाद ग्रामीणों ने शाम चार बजे शव को जीटी रोड पर रखकर चक्काजाम कर दिया। मौके पर पहुंचे एसडीएम और सीओ फूलपुर ने तीन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज करवाई तब जाकर लोग शांत हुए। जाम के चलते एक घंटे तक वाहन हाइवे पर फंसे रहे।
अशोक मजदूरी करता था। उसका अपने गांव के मुन्ना सिंह से विवाद चल रहा है। परिजनों के मुताबिक डुडुही गांव का मुन्ना और उसका जीजा रामसागर 27 अप्रैल को जबरन उसे बाइक से अपने साथ नैनी ले गए। नैनी चीनी मिल के पास ही अशोक की ससुराल है। अशोक की पत्नी मीरा पुत्री के जन्म के बाद से मायके में ही है। रात में अशोक ससुराल में ही रुका। 28 अप्रैल को फिर से मुन्ना और रामसागर आए। उसे जबरन बाइक पर बैठाया जाने लगा। पत्नी ने विरोध किया तो कहा कि उसे समझौते के लिए ले जा रहे हैं।
अशोक उस दिन नहीं लौटा। सुबह परिजनों को वह सड़क किनारे बेहोश मिला। बताया कि उसे शराब में कोई जहरीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। उससे जबरन स्टांप पर अंगूठा भी लगवा लिया गया। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे नैनी के ही अस्पताल में भर्ती करा दिया। चार दिन तक उसे होश नहीं आया तो परिजनों ने उसे एसआरएन अस्पताल में दाखिल करवा दिया। हालत बिगड़ती चली गई और उसने बृहस्पतिवार को दम तोड़ा।
शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो लोग आक्रोशित हो गए और जीटी रोड पर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे एसडीएम पीके शीबू, सीओ लाल प्रताप सिंह के निर्देश पर सरायइनायत में मुन्ना, उसके जीजा रामसागर और रामसागर के बेटे धर्मेंद्र के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। अशोक के परिवार में बेटा आकाश, विजय, अभिषेक, रवीश और बेटी नैन्सी तथा निशि है। निशि डेढ़ माह की है। अशोक तीन भाइयों में सबसे छोटा था।