शाहगंज इलाके में लीडर रोड पर मंगलवार शाम को भीषण बारिश में जर्जर चहारदीवार ढह गई। मलबे में दबकर आठ साल के एक मासूम की मौत हो गई। काफी देर तक लोगों को पता तक नहीं चला। बाद में मलबे से मासूम को बाहर निकाला गया। उसकी मौत हो चुकी थी। ईद के पहले हुए इस हादसे ने परिवार की खुशियां ही छीन लीं।
लीडर पर दुर्गा पूजा पार्क के पास रहने वाले नियाज अहमद बावर्ची हैं। उनके एक बेटा हमजा और एक बेटी है। बेटा हमजा (8) पास के प्राथमिक विद्यालय में दूसरी कक्षा में पढ़ता था। मंगलवार पूरे दिन जोरदार बारिश हुई। शाम को कुछ देर के लिए बारिश थमी तो हमजा घर से बाहर खेलने निकल गया। वह गली में खेल रहा था। इस दौरान हल्की बारिश हो रही थी। अचानक कच्चे गारे से बनी कई साल पुरानी जर्जर दीवार ढह गई। खाली जमीन होने के चलते पानी भर गया था।
सड़क की तरफ मिट्टी का दबाव पड़ा तो दीवार सड़क ओर गिर पड़ी। गली से गुजर रहा हमजा मलबे में दब गया। दीवार गिरने के बाद आसपास के लोग भागकर पहुंचे। मलबे में बाइक फंसी देख लोग मिट्टी हटाने लगे। किसी को इस बात का पता तक नहीं चला कि मलबे में कोई बच्चा भी दबा है। जिसके चलते हमजा के बचने के जो भी आसार थे, वह खत्म हो गए। बाइक निकालते समय अचानक एक युवक को मिट्टी में बाल दिखा तो शक हुआ। मिट्टी हटाई गई तो देखा कि कोई बच्चा दबा है। मलबे में बच्चे के दबे होने की खबर पर खलबली मच गई। सूचना पाकर एसओ शाहगंज देवेंद्र कुमार पहुंच गए। जब तक बच्चे को बाहर निकाला जाता, काफी देर हो चुकी थी। बच्चे को निकालने के बाद लोग उसे कॉल्विन ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
शाहगंज के नियाज का पूरा परिवार ईद की तैयारियों में लगा हुआ था। उसका बेटा हमजा भी बहुत खुश था लेकिन मंगलवार रात हुए हादसे से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। इकलौते बेटे की मौत से मां परवरी बेगम का रो-रोकर बुरा हाल है।