हमले में गंभीर रूप से घायल हुई बुजुर्ग महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
- फोटो : Demo pic
सोरांव क्षेत्र के सरायगोपाल गांव निवासी दूधनाथ मौर्य (32) की शुक्रवार रात हत्या कर दी गई। हत्यारे उसका सिर और पैर काट ले गए। शव बोरे में भरकर मुनव्वरपुर गांव के सामने हाईवे पर फेंक दिया। वह दो रोज पहले जल निगम के कर्मचारी के साथ बोलेरो लेकर निकला था। तब से गायब था। उसकी बोलेरो अब भी नदारद है।
शनिवार सुबह नवाबगंज थाने की पुलिस को जानकारी मिली कि हंडिया-कोखराज फोरलेन बाईपास पर मुनव्वरपुर गांव के सामने डिवाइडर के बीच नाली में रखे बोरे से तेज बदबू आ रही है। पुलिस ने मौके पर जाकर बोरा खोला तो उसमें किसी का धड़ था। सिर और दोनों पैर गायब थे। शव को जलाया भी गया था। पुलिस को निरीक्षण के दौरान दाहिने हाथ में एस.ए. लिखा मिला। पुलिस ने अनुमान लगाया कि मारे गए व्यक्ति की उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच रही होगी। शक है कि उसे दो-तीन दिन पहले मारा गया होगा। रात बीती रात बोरे में भरकर हाईवे पर लाकर फेंकी गई।
रांव पुलिस के साथ सीओ भी वहां पहुंचे। थानाध्यक्ष नवाबगंज दीपक पांडेय ने बताया कि शव को जलाकर टुकड़े करने से साफ है कि शिनाख्त मिटाने की कोशिश की गई है। देर शाम सोरांव इलाके में सरायगोपाल गांव से एक परिवार के लोगों ने आकर शव की पहचान की। वह रामसजीवन मौर्य के तीन बेटों में छोटा 32 वर्षीय दूधनाथ मौर्य था। उसका एक बेटा भी है। लालगोपालगंज में रहने वाले जितेंद्र मौर्या ने उसकी गाड़ी जल निगम में लगवा दी थी। बृहस्पतिवार शाम वह जितेंद्र मौर्या के साथ ही अपनी बोलेरो लेकर निकला था। तब से लापता था। उसकी बोलेरो भी नदारद है।