पूर्व सांसद अतीक अहमद जेल में बंद हैं और अब उनके भाई पूर्व विधायक अशरफ के भी सामने मुसीबत आ रही है। विधायक राजू पाल हत्याकांड के गवाहों को धमकाने तथा जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने पर पूजा पाल की ओर से दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया जिसे बृहस्पतिावर रात धूमनगंज पुलिस ने अशरफ के कसारी-मसारी स्थित निवास पर चस्पा कर दिया। पिछले दिनों कर्नलगंज में दर्ज मुकदमे के बाद से अतीक गैंग के लोग भागे हुए हैं।
अशरफ जनवरी 2005 में हुए राजू पाल हत्याकांड में भाई अतीक के साथ आरोपी हैं। अशरफ और अतीक उस हत्याकांड में कई साल बाद जमानत पर रिहा हुए थे। उनके खिलाफ मुख्य गवाह उमेश पाल को अपहरण कर धमकाने का केस अदालत में विचाराधीन है। पिछले साल राजू पाल की पत्नी पूर्व विधायक पूजा पाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी कि अतीक और अशरफ गवाहों को धमका रहे हैं साथ ही आपराधिक कारनामों में भी लिप्त हैं। उनसे गवाहों को जान का खतरा बना हुआ है। इस वजह से जमानत निरस्त कर उन्हें जेल भेजा जाए।
पूर्व सांसद अतीक अहमद तो शियाट्स केस में गिरफ्तारी के बाद से देवरिया जेल में बंद हैं। हाईकोर्ट ने अशरफ को नोटिस जारी किया लेकिन किसी ने रिसीव नहीं किया। ऐसे में हाईकोर्ट के आदेश पर धूमनगंज पुलिस ने बृहस्पतिवार को अशरफ के निवास पर जाकर नोटिस चिपका दिया। जमानत निरस्त करने के मामले में हाईकोर्ट में चार जुलाई को सुनवाई होनी है।