झूंसी में रेलवे की बेशकीमती जमीन घोटाले को दबाने की सत्ताधारी दल के विधायकों की मंशा पूरी होती दिख रही है। एसएसपी की ओर से मामले की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। इसमें कहा गया है कि मामले की जांच सीबीसीआईडी से कराए जाने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। मामले की जांच सीबीसीआईडी को स्थानांतरित करने के लिए जिले के दो भाजपा विधायकों ने शासन को पत्र लिखा था। इस पत्र पर शासन ने संज्ञान लेते हुए एसएसपी से आख्या मांगी थी।
झूंसी में पिछले साल रेलवे की 41 बीघा जमीन को अभिलेखों में हेराफेरी कर किसी और के नाम करने का सनसनीखेज मामला सामने आया था। मामले में अब तक 13 लोगों पर एफआईआर हो चुकी जिनमें से नौ को जेल भेजा जा चुका है। तत्कालीन फूलपुर एसडीएम राजकुमार द्विवेदी समेत तीन अफसरों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज है। शासन केआदेश पर मामले की विवेचना मौजूदा समय में क्राइम ब्रांच कर रही है। चार आरोपियों की गिरफ्तारी पर कोर्ट से रोक लगी है।
मामले को दबाने केलिए भूमाफिया और अफसरों का गठजोड़ कोशिश में लगा हुआ था। पिछले दिनों जिले में भाजपा केदो विधायकों ने शासन को पत्र लिखकर मांग की थी कि मामले की विवेचना सीबीसीआईडी से कराई जाए। इसके बाद शासन ने एसएसपी से आख्या मांगी। जिस पर एसएसपी आकाश कुलहरि की ओर से रिपोर्ट भेज दी गई है। इस संबंध में एसएसपी आकाश कुलहरि ने बताया कि शासन को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि मामले की जांच सीबीसीआईडी से कराए जाने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।