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कैबिनेट मंत्री डॉ. रीता जोशी ने स्पेशल कोर्ट में किया सरेंडर

Fri, 23 Nov 2018 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
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प्रयागराज - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो,प्रयागराज
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निषेधाज्ञा उल्लंघन और तोड़फोड़ के मामले में बृहस्पतिवार को प्रदेश सरकार की कैबिनेट मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी और तत्कालीन कांग्रेस की महिला प्रकोष्ठ की प्रभारी मीरा सिंह ने स्पेशल कोर्ट (एमपी/एमएलए) कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। मंत्री तीन घंटे न्यायिक अभिरक्षा में रहीं। जमानत पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने जमानत अर्जी मंजूर कर ली। 20-20 हजार रुपये की दो-दो जमानत और व्यक्तिगत मुचलका दाखिल करने पर उन्हें रिहा कर दिया। यह आदेश स्पेशल जज पवन कुमार तिवारी ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता दिनेश चंद पांडेय को सुनकर दिया है।
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घटना 16 फरवरी 2010 की लखनऊ के वजीरगंज थाना क्षेत्र की है। वादी ओम प्रकाश वर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षा डॉ. रीता जोशी और महिला प्रकोष्ठ की प्रभारी मीरा सिंह शहीद स्मारक पर लाउडस्पीकर लगा कर भाषण दे रहीं थीं। उस समय प्रशासन ने निषेधाज्ञा लगाई थी। वहां सभा के दौरान लोगों ने अचानक सीएम से मिलने का निर्णय किया और सभा स्थल पर एकत्र भीड़ के साथ रवाना हुए थे। पुलिस के रोकने पर लोगों ने हंगामा कर दिया था। डॉ. रीता जोशी की ओर से प्रस्तुत जमानत अर्जी पर बचाव में कहा गया कि वह केवल शांतिपूर्ण तरीके से सभा कर रही थीं। पुलिस ने पानी की बौछार कर लाठीचार्ज किया था। उन्होंने कोई अपराध नहीं किया बल्कि राजनीतिक विद्वेष के कारण उन्हें झूठा फंसाया गया है। मंत्री डॉ. रीता जोशी ने दिन में लगभग 11.30 बजे स्पेशल कोर्ट में सरेंडर किया। लगभग तीन घंटे न्यायिक अभिरक्षा में रहीं। इस बीच उनसे मिलने वालों का तांता लगा रहा।
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