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छेड़खानी के विरोध पर भाई-बहन को कुएं में फेंका

Thu, 30 Mar 2017 02:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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demo pic - फोटो : अमर उजाला
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उतरांव थाना क्षेत्र के बरेठी गांव में बुधवार की शाम छेड़खानी के विरोध पर शोहदों ने सगे भाई-बहन को कुएं में फेंक दिया। घटना से इलाके में कोहराम मच गया। इलाके में भारी तनाव को देखते हुए पुलिस तैनात कर दी गई है। सैकड़ों लोगों की भीड़ ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बिना दोनों शव देने से इनकार कर दिया था। देर रात तक पुलिस अधिकारी भीड़ को समझाने में जुटे रहे।
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बरेठी गांव के कन्हई लाल भारती की बेटी निशा (16) पास के ही एक इंटर कालेज में 11वीं की छात्रा थी। बुधवार की शाम वह कुएं पर कुछ काम कर रही थी। उसी दौरान सैता गांव के दो लड़के बाइक पर पहुंचे। दोनों निशा से छेड़खानी करने लगे। निशा के सबसे छोटे भाई कमलेश ने दूर से उन्हें देखा तो वह उनकी ओर बढ़ा। उसी समय दूसरे नंबर का भाई राजेश (18) शौच के निकला। उसने भी देखा कि दो लड़के निशा का हाथ पकड़कर खींच रहे हैं। वह दौड़ा और लड़कों से कुएं पर ही हाथापाई होने लगी। आरोप है कि इसी दौरान दोनों लड़कों ने पहले निशा फिर राजेश को कुएं में फेंक दिया।

घटना के बाद दोनों लड़के वहां से भाग निकले। राजेश और निशा के कुएं में गिरने की सूचना से गांव में हाहाकार मच गया। घटना के वक्त न तो निशा की मां रामकली घर में थी न ही पिता कन्हई गांव। गांव वालों ने पुलिस को सूचना देकर दोनों शवों को बाहर निकाला। तब तक मां बाप और सबसे बड़ा भाई सुधीर मौके पर पहुंच गए थे। कुछ ही देर में वहां सैकड़ों की भीड़ इकट्ठी हो गई। एसओ उतरांव और कंट्रोल रूम की गाड़ी मौके पर पहुंची तो भीड़ भड़की हुई थी। वे आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। देर रात तक उन्होंने शव उठाने नहीं दिया था। पुलिस अधिकारी उन्हें समझाने में जुटे थे। एसपी गंगापार मुन्ना लाल का कहना था कि मामले की जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस को तहरीर नहीं मिली है। घर वाले जिसे आरोपी बनाएंगे, उन्हें नामजद कर दिया जाएगा।  
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कन्हई लाल मजदूरी कर परिवार का पेट पालता है। बड़ा बेटा सुधीर उसकी मदद करता है। राजेश, निशा और कमलेश को वह इसलिए पढ़ा रहा था कि पेट पालने के लिए उन्हें मजदूरी न करना पड़े। निशा 11वीं की होनहार छात्रा थी। उसने अच्छे नंबरों से हाईस्कूल पास किया था। मां-बाप दोनों बच्चों को लिपटाकर दहाड़े मारकर रो रहे थे। उनकी चीखों से लोगों की आंखें तो नम हो ही रही थीं, साथ ही आरोपियों पर भीड़ का गुस्सा भी बढ़ता जा रहा था। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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