फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सदमे में थमी और दो किसानों की सांसें

Fri, 24 Apr 2015 01:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
सहसों/झूंसी (ब्यूरो)। ओलावृष्टि, बेमौसम बारिश से तबाह अन्नदाताओं के जान गंवाने का सिलसिला जारी है। दैवी आपदा से तबाह फसल में कम पैदावार क्या हुई? किसान इसे बर्दाश्त नहीं कर पा रहे और जान गवां रहे हैं। घटना फूलपुर तहसील क्षेत्र के थरवई थाना क्षेत्र के मेढ़ुआ गाँव की है। घटनाक्रम के मुताबिक गांव के ही राम अभिलाष सिंह (55) पुत्र स्वर्गीय अमृत लाल बुधवार को गेहूं की मड़ाई करा रहे थे। मड़ाई के बाद कम अनाज देखकर उन्हें गहरा सदमा लगा। उनकी तबीयत खराब हो गई। परिजनों ने स्थानीय डॉक्टर से इलाज कराया जिससे तबीयत थोड़ी सुधरी लेकिन बृहस्पतिवार की सुबह अचानक उनके सीने में जोर से दर्द उठा। जब तक परिजन कुछ समझते और उन्हें अस्पताल ले जाते उसके पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन


वहीं सराय इनायत क्षेत्र के सुदुनीपुर कला गांव के गणेश प्रसाद दूबे खेतीबारी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। ओलावृष्टि व बारिश से फसल तबाह होने से वह काफी परेशान थे जिसका जिक्र कई बार उन्होंने परिजनों से भी किया। दो दिन पहले उनकी तबियत बिगड़ गई। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर गए जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज किया। बुधवार को परिजन उन्हें घर लेकर आ गए लेकिन देर रात उनकी तबियत फिर बिगड़ गई।

 इस बार परिजन कुछ कर पाते इससे पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। उल्लेखनीय है कि पिछले एक पखवाड़े में जिले में दो दर्जन से अधिक किसानों की मौत हो चुकी है। फसल बर्बादी से बेहाल दो किसानों ने तो फांसी लगाकर जान दे दी जबकि बाकी किसानों की मौत सदमे से हुई। हालांकि जिला प्रशासन इन मौतों में से ज्यादातर को स्वाभाविक बताकर सिरे से खारिज कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें