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रेलिंग तोड़कर बाइक समेत पुल से नीचे गिरा युवक, मौत

Fri, 28 Oct 2016 02:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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accident - फोटो : graphic
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फाफामऊ से शहर को जोड़ने वाले कर्जन पुल पर बुधवार रात निजी कंपनी में बीमा एजेंट सत्येंद्र बहादुर सिंह (35) अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक समेत पुल से नीचे गिर गया। वहीं उसकी मौत हो गई। गुरुवार सुबह पुल पर टहलने के लिए लोग निकले तो रेलिंग टूटी देख चौंके। पुल के नीचे झांका तो युवक का खून से लथपथ शव पड़ा था। बगल में क्षतिग्रस्त बाइक भी पड़ी थी। खबर पाकर शिवकुटी पुलिस पहुंची। सत्येंद्र की जेब से मिले आईकार्ड से शिनाख्त कर पुलिस ने घरवालों को अनहोनी की खबर दी तो कोहराम मच गया।
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रायबरेली जनपद के ऊंचाहार इलाके के मनीराम का पूरा निवासी ब्रजमोहन का बेटा सत्येंद्र बहादुर पूरा गड़ेरिया इलाके में किराए पर रहता था। वह लीडर रोड स्थित एक निजी बीमा कंपनी में कलेक्शन एजेंट था। वह बुधवार रात फाफामऊ से कलेक्शन कर लौट रहा था। पुल पर सन्नाटा होने के चलते वह काफी तेज रफ्तार में बाइक चल रहा था। पुलिस के मुताबिक पुल के मोड़ पर अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर के बाद सत्येंद्र बाइक समेत रेलिंग तोड़ते हुए पुल के नीचे गिरा। पुल की ऊंचाई इतनी अधिक है कि नीचे गिरने के बाद बचने की संभावना न के बराबर थी। रात भर खून से लथपथ शव पुल के नीचे पड़ा रहा। सुबह पुल पर टहलने निकले लोगों ने मोड़ पर रेलिंग टूटे देख जान गए कि रात में कोई हादसा हुआ।

नीचे देखा तो युवक का खून से लथपथ शव पड़ा था। पुल के नीचे भीड़ लग गई। दुर्घटना की सूचना पाकर नारायण आश्रम चौकी प्रभारी विजय विक्रम सिंह मौके पर पहुंचे। जेब से मिले आईकार्ड से उसकी शिनाख्त सत्येंद्र के रूप में की गई। पुलिस ने घटना की जानकारी उसके घरवालों को दी तो कोहराम मच गया। रोते-कलपते परिजन चीरघर पहुंचे। सत्येंद्र के एक बेटी और बेटा है। पति की मौत से पत्नी प्रतिमा सिंह का रो रोकर हाल खराब है। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर घर चले गए। दीपावली के पर्व से दो दिन पहले हुए हादसे से सत्येंद्र के घर मातम है।
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पोस्टमार्टम हाउस में रोते-कलपते परिजनों ने बताया कि फोन पर बात के दौरान उसने धनतेरस पर घर आने का वादा किया था लेकिन एक दिन पहले ही सत्येंद्र का शव घर पहुंचा। सत्येंद्र की मौत से घर वाले गम में डूबे हैं।

जर्जर होने के कारण कर्जन पुल पर आवागमन रोक दिया गया है। पुल की शुरुआत में ही तेलियरगंज और फाफामऊ की तरफ बैरीकेडिंग कर दी गई है। ताकि वाहन सवार पुल पर न जा सकें लेकिन बाइक सवार किनारे से निकल जाते हैं। पुल के  दोनों शुरुआती छोर पर मोड़ हैं। चार पहिया वाहन न चलने के कारण पुल पर सन्नाटा रहता है। इस कारण लोग बाइक की स्पीड बढ़ा देते हैं। दिन में तो काफी लोग निकलते हैं कि लेकिन रात में सन्नाटा होने और लूटपाट के डर से इस पुल पर जाने से लोग बचते हैं। रात में घर की ओर लौट रहे सत्येंद्र को मौत ही पुल पर खींच लाई ले गई। चंद्रशेखर आजाद पुल पर भीड़ और ट्रक चलने के कारण वह कर्जन पुल पर बाइक दौड़ाने लगा। सत्येंद्र कर्जन पुल के बजाय चंद्रशेखर आजाद पुल से आता तो शायद हादसे का शिकार न होता।

सत्येंद्र ने हेलमेट भी नहीं पहना था। वह नीचे गिरा तो उसके सिर में गंभीर चोट थी। एसओ शिवकुटी अरविंद त्रिवेदी के मुताबिक आशंका यह भी है कि अज्ञात वाहन की टक्कर से हादसा न हुआ हो बल्कि मोड़ पर बाइक स्पीड में होने के चलते अनियंत्रित होकर रेलिंग से भिड़ी फिर रेलिंग तोड़ते हुए वह बाइक समेत पुल के नीचे आ गिरा।
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