इलाहाबाद विश्वविद्यालय के महिला परिसर के पास बमबाजी से छात्राओं में दहशत है। बताया जा रहा है कि बमबाजी बैंक रोड की तरफ बाहर की दीवारों पर हुई है। इसकी वजह से छात्रावास में लगे शीशे टूट गए। हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ है। खास यह कि रविवार को घटना के दिन प्रधानमंत्री, कई मुख्यमंत्री तथा मंत्री शहर में मौजूद रहे और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। इसके बावजूद अराजक तत्व बमबाजी जैसी घटना को अंजाम देकर फरार हो गए। इससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। नाराज छात्राओं ने छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह के नेतृत्व में मंगलवार को कुलपति का घेराव किया। वे आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने तथा हॉस्टल की सुरक्षा बढ़ाए जाने की मांग कर रही थीं। छात्राएं कुलपति से वार्ता करना चाहती थीं लेकिन उन्होंने मना कर दिया। रात में छात्राओं ने हॉस्टल के सामने घटना के विरोध और सुरक्षा की मांग को लेकर चक्काजाम भी किया। इससे यातायात प्रभावित हुआ।
रविवार को आधी रात के बाद अराजक तत्वों ने बैंक रोड की तरफ बमबाजी की थी। तेज धमाका की वजह से हॉस्टल के शीशे टूट गए। छात्राआें का कहना था कि बम परिसर में बने नए छात्रावास में पीछे की तरफ हुई थी। उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी थी लेकिन कुछ नहीं हुआ। छात्रसंघ अध्यक्ष का कहना था कि 20 दिन पहले भी इसी तरह से बमबाजी हुई थी। उसके निशान हॉस्टल के दीवार पर हैं। इससे पहले पत्थरबाजी भी हो चुकी है। इसके मद्देनजर सुरक्षा की मांग की गई थी लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया। इस मामले में भी दो दिन बाद तक पुलिस में एफआईआर नहीं लिखाई गई। छात्रसंघ अध्यक्ष ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय, महिला एवं बाल मंत्रालय, महिला आयोग को चिट्ठी लिखकर कार्रवाई की मांग की है। साथ में सुरक्षा का इंतजाम नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर आईआर सिद्दीकी का कहना है कि बमबाजी बैंक रोड पर हुई है। हॉस्टल में शीशे पहले से टूटे थे, जो धमाका के बाद गिर गए। हॉस्टल की दीवार काफी ऊंची है। उस पर टीन शेड लगाने के अलावा खिड़कियों पर ग्रिल लगाने का निर्णय लिया गया है। जल्द ही इस पर काम शुरू होगा। उन्होंने बताया कि पुलिस को घटना की जानकारी दे दी गई है। चीफ प्रॉक्टर ने बताया कि वहां पुलिस की वैन रहती है लेकिन पुलिस के अफसरों का कहना है कि भाजपा के कार्यक्रम की वजह से वैन कहीं और चली गई थी।