यमुनापार इलाके में कौंधियारा के बरसवल गांव में नशे के लती व्यक्ति ने अपनी 30 वर्षीय पत्नी को बुधवार भोर में चाकू से गला रेतकर मार डाला। फिर उसने खुद थानेदार को फोनकर हत्या की जानकारी दी और प्रधान ने भी पुष्टि की तो पुलिस ने मौके पर आकर उसे गिरफ्तार कर चाकू जब्त कर लिया। महिला के पिता की तहरीर पर पुलिस ने पति के खिलाफ केस लिखा। पुलिस का कहना है कि नशेड़ी पति ने पत्नी के चरित्र पर शक होने की वजह से यह वारदात की। उसने पुलिस के सामने भी कुबूला कि उसे पत्नी पर संदेह था, इसलिए उसे मार डाला।
बरसवल गांव निवासी शिवशंकर दुबे की पत्नी रश्मि (30) ग्राम पंचायत सदस्य भी थी। उन दोनों के तीन बच्चे हैं। छह साल की प्रतीक्षा, चार साल की पूजा और दस महीने की रिद्धी। शिवशंकर दुबे पांच भाइयों में छोटा है। तीन भाई नागपुर में नौकरी करते हैं। वह चौथे नंबर के भाई कृष्णकुमार के साथ घर पर ही रहता था। वह नशे का लती है। हरदम गांजा के नशे में डूबा रहता है। कोई काम करने की बजाय वह खेती के सहारे घर में पड़ा रहता। इस वजह से अक्सर उसका पत्नी रश्मि से झगड़ा होता रहता। उसके लिए तीन बेटियों समेत पत्नी और मां का गुजारा करना मुश्किल हो रहा था। इसके अलावा उसे पत्नी पर शक हो गया था कि वह किसी और पुरुष से मिलती-जुलती है। इस वजह से उसका गुस्सा और बढ़ गया था। मंगलवार रात वह भोजन के बाद पत्नी-बच्चों के साथ सो गया था। भोर में करीब चार बजे उठा और सो रही पत्नी रश्मि के गले पर चाकू से कई वार कर दिए। बच्चे भी जग गए। घर में चीखपुकार मची तो पड़ोसी जुट गए।
चौंक गए थाना प्रभारी, बोले-नशे में हो क्या
घटना के बाद शिवशंकर ने खुद थाना प्रभारी ताहिर हुसैन को फोनकर बताया कि उसकी पत्नी को किसी ने चाकू से मार डाला है। पति-पत्नी का झगड़ा पहले भी थाने पहुंच चुका था। थाना प्रभारी को पता था कि शिवशंकर नशेड़ी है, इसलिए उन्हें कत्ल का भरोसा नहीं हुआ। उल्टा उन्होंने पूछा-नशे में हो क्या? इंस्पेक्टर को विश्वास नहीं हुआ तो शिवशंकर हाथ में खून सना चाकू लेकर ग्राम प्रधान मोहम्मद अशरफ के घर पहुंच गया। उन्हें बताया कि उसने अपनी पत्नी को मार डाला है। प्रधान ने भी फोनकर बताया तब थानेदार ने माना कि शिवशंकर ने सच बोला था। इंस्पेक्टर ने प्रधान को हिदायत दी कि वह उसे बैठाए रहें। कुछ देर में पुलिस ने मौके पर जाकर शिवशंकर को गिरफ्तार कर चाकू कब्जे में ले लिया। रीवा में उमरिया से रश्मि के पिता चंद्रमणि गौतम ने आकर पुलिस को शिवशंकर के खिलाफ तहरीर दी तो केस लिखा गया। एसपी यमुनापार अशोक कुमार और सीओ बारा कृष्ण गोपाल सिंह भी वहां पहुंचे। सीओ के मुताबिक, उन्होंने आरोपी शिवशंकर से पूछताछ की तो वह बोला कि उसे अपनी पत्नी पर किसी और से रिश्ते का शक था। घटना के बाद वह अफसोस जता रहा था कि गुस्से और नशे में उसने यह घटना कर दी।
अब कैसे होगा तीन बेटियों का गुजारा
इस घटना में रश्मि की तीन मासूम बेटियों पर मुसीबतों का साया आ गया है। एक तो यह परिवार वैसे भी बेहद गरीब है। ऊपर से, मां के मारे जाने और पिता के जेल जाने से बच्चियों की देखभाल की जिम्मेदारी उनकी बूढ़ी दादी पर आ गई है। वह खुद बेहद लाचार हैं। सीओ बारा केजी सिंह ने उमरिया रीवा से आए बच्चियों के नाना चंद्रमणि से कहा कि वह बच्चियों को अपने साथ ले जाएं मगर उन्होंने दो टूक मना कर दिया कि वह उनका पालन नहीं कर पाएंगे। तीन बच्चियों में एक महज दस महीने की है। बाकी दोनों भी छह और चार साल की है, जिन्हें नहीं पता कि उनके सिर से मां का साया छिन गया है।