जीवन ज्योति हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. एके बंसल की हत्या के पांच दिन बीत जाने के बावजूद कातिलों की गिरफ्तारी न होने से डॉक्टरों में सोमवार को भी जबर्दस्त आक्रोश रहा। दिन भर हड़ताल पर रहने के बाद शाम को इलाहाबाद सिटीजन फोरम के बैनर तले कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान कहा गया कि कातिलों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। डॉक्टर मंगलवार को इस मामले में कमिश्नर से मुलाकात करने भी जाएंगे। उनके आंदोलन का समर्थन शहर के विभिन्न जनसंगठनों ने किया है।
डॉ. बंसल की हत्या के विरोध में डॉक्टर चार दिनों ने हड़ताल पर हैं। उन्होंने निजी अस्पतालों की ओपीडी, इमरजेंसी समेत सभी सेवाओं से दूरी बना ली है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। सोमवार को एएमए हाल में बैठक कर डॉ. एके सिंह, इलेक्टेड अध्यक्ष डॉ. अनिल शुक्ला, पूर्व सचिव डॉ. बीके मिश्रा, डॉ. त्रिभुवन सिंह समेत कई पदाधिकारियों ने पुलिस के रवैये पर असंतोष जताया। कहा कि पांच दिन बाद भी पुलिस कुछ नहीं कर सकी है। ऐसा होता रहा तो उनका काम करना मुश्किल होगा। डॉक्टरों ने शाम को मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से जीवन ज्योति हॉस्पिटल तक कैंडल मार्च निकाला।
मार्च में मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के छात्र डॉ. विवेक गुप्ता, डॉ. संदीप कुमार पटेल, डॉ. नवीन गिरी, डॉ. आदित्य सिंहल, डॉ. ज्ञानेंद्र, डॉ. शिव, इलाहाबाद डेंटल एसोसिएशन के डॉ. आशीष त्रिपाठी, डॉ. सचिन प्रकाश, डॉ. रंजन बाजपेयी, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. आशुतोष चौधरी, प्रयाग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विजय अरोरा, सुहैल अहमद, मो.कादिर, प्रयाग केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन (रिटेल) एसोसिएशन के अध्यक्ष राना चावला, लालू मित्तल, इलाहाबाद केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के परमजीत सिंह, हरिश्चंद्र जायसवाल, नीरज गुप्ता समेत बड़ी संख्या में विभिन्न संगठनों के लोग मौजूद रहे। इसके पूर्व डॉक्टरों ने डॉ. बंसल के आवास पर हुए शांति पाठ में भी हिस्सा लिया। उधर, इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ ने भी बैठक कर घटना की निंदा की और कातिलों की गिरफ्तारी की मांग की। बैठक में संघ के अध्यक्ष प्रो. राम सेवक दूबे समेत बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहें।