कर्नलगंज थाना क्षेत्र में लल्ला चुंगी तिराहे पर रविवार को सरेशाम डायल 100 के पुलिसकर्मियों पर कुछ युवकों ने हमला बोल दिया। उन्होंने पुलिसकर्मियों से अभद्रता तो की ही, उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ भी की। घटना के करीब आधे घंटे बाद थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक युवक भाग चुके थे। भुक्तभोगी पुलिसकर्मियों ने थाने में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
घटना रात नौ 08.30 बजे के आसपास की है। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो 15-20 युवकों के दो गुट लल्लाचुंगी तिराहे पर मौजूद थे। अचानक उनमें किसी बात को लेकर नोकझोंक होने लगी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों गुट एक-दूसरे पर बेल्ट और डंडे लेकर टूट पड़े। इसी दौरान किसी ने 100 नंबर पर सूचना दी तो डायल 100-83 नंबर टीम मौके पर पहुंच गई। इसमें हेड कांस्टेबल सुरेश यादव, सिपाही शफीक अहमद और चालक रामबुझारत यादव शामिल थे। पुलिसकर्मियों ने एक-दूसरे पर हमला कर रहे युवकों को रोकने की कोशिश की। इस पर एक गुट तो भाग निकला लेकिन, युवकों का दूसरा गुट पुलिसकर्मियों से ही उलझ गया। इस दौरान धक्कामुक्की भी की गई।
पुलिसकर्मी कुछ करते इससे पहले ही युवकों ने डायल 100 वाहन में तोड़फोड़ शुरू कर दी। पत्थर और डंडे बरसाकर गाड़ी का शीशा क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद भी पीआरवीकर्मी मौके पर डटे रहे, साथ ही थाने में सूचना दी। आधे घंटे बाद थाने से फोर्स मौके पर पहुंची लेकिन, तब तक हमलावर युवक भाग चुके थे। उधर, पुलिस वाहन में तोड़फोड़ होते देख राहगीरों में हड़कंप मच गया। दहशत के चलते दुकानदारों ने दुकानों के शटर गिरा दिए। इंस्पेक्टर कर्नलगंज सत्येंद्र सिंह ने बताया कि पुलिसकर्मियों पर हमले की बात गलत है। किसी ने पत्थर फेंक दिया था जिससे डायल 100 वाहन का पिछला शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। भुक्तभोगी पुलिसकर्मियों की तहरीर पर आवेश, राहुल, वैभव व एक अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उनकी तलाश की जा रही है।
जिस जगह यह घटना हुई, वहां से 100 मीटर की दूरी पर विश्वविद्यालय पुलिस चौकी है। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो आधे घंटे तक हंगामा चलता रहा लेकिन, चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी कहीं नजर नहीं आए। सूत्रों की मानें तो चौकी इंचार्ज भी थाने की फोर्स पहुंचने के बाद मौके पर आए। सवाल यह है कि आखिर कैसे चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों को घटना की भनक नहीं लगी।