नैनी के महुआरी गांव में बुधवार की सुबह मुठभेड़ के बाद पुलिस ने कुख्यात राजा पांडेय को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक मुठभेड़ में राजा के पैर में गोली लगी तो एक सिपाही के कंधे पर। राजा के साथ उसका एक साथी भी पकड़ा गया है। जबकि दो अन्य फरार हो गए हैं। पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है। अपने पड़ोसी की हत्या के बाद से राजा फरार चल रहा था। उस पर पांच हजार का इनाम भी घोषित था। करछना थाना क्षेत्र के बीरपुर गांव के राजा पांडेय ने 23 फरवरी को पड़ोसी लालता प्रसाद की हत्या कर दी थी। इसके बाद से वह फरार चल रहा था।
बुधवार की भोर राजा पांडेय साथियों संग कार से इलाहाबाद जा रहा था। इसकी जानकारी पुलिस को हुई तो करछना सीओ के नेतृत्व में नैनी, औद्योगिक थाने की पुलिस ने महुआरी गांव के समीप वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी। कार में राजा को देख पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो राजा और उसके साथियों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। मुठभेड़ के दौरान राजा साथियों संग कार से उतरकर भागने लगा, इसी दौरान उसके पैर में गोली लगी और वह जख्मी होकर गिर पड़ा। बदमाशों की फायरिंग में नैनी थाने में तैनात सिपाही दीपक कुमार सिंह के बाएं कंधे पर गोली लगी।
इसके बाद फोर्स ने राजा और उसके साथी मुकेश तिवारी निवासी छीबो राजापुर चित्रकूट को गिरफ्तार कर लिया। बाकी साथी भाग निकले। पुलिस ने घायल राजा और सिपाही दीपक को एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस ने बदमाशों के पास से एक पिस्टल, एक तमंचा और कई कारतूस बरामद किए हैं। एसएसपी आकाश कुलहरि ने बताया कि राजा पांडेय कुख्यात अपराधी है। इसके खिलाफ कई संगीन मामले नैनी, बारा, करछना आदि थानों में दर्ज हैं। फरार अन्य साथियों की तलाश को टीम गठित कर दी है। राजा पांडेय का नाम खनन समेत कई मामलों में आ रहा था। उस पर पुलिस पांच हजार का इनाम भी घोषित किया था।
नैनी। करछना के बीरपुर के रहने वाले राजा पांडेय ने पढ़ाई के दौरान ही जरायम की दुनिया में कदम रख दिया था। नैनी में अंजली से लव मैरिज के बाद जब पैसों की जरूरत बढ़ी तो उसने छिनैती कर पहले अपराध को अंजाम दिया। इसके बाद से ही छोटे-बड़े अपराधों में उसका नाम आता रहा। नैनी जेल के दौरान उसने कई अपराधियों से संबंध बना लिए थे। 2013 में एसओ बारा रहे राजेंद्र द्विवेदी की हत्या के बाद राजा पांडेय अपराध की दुनिया में एक नाम बन गया।
इसके बाद गिरोह बनाकर लूट, छिनैती, हत्या की घटनाओं को अंजाम देने लगा। बीते सात सालों में राजा पांडेय के खिलाफ दो दर्जन से अधिक संगीन मामले करछना, मांडा, घूरपुर, शंकरगढ़, नैनी, बारा आदि थाने में दर्ज हुए हैं। जेल से वसूली और अपहरण की घटनाओं को अंजाम देने लगा था। कई मामलों में उसका नाम आया तो पुलिस उसके पीछे पड़ गई। दो साल पहले उसे बीरपुर गांव में ही गोली मार दी गई थी। इसके बाद वह जीवन ज्योति अस्पताल में भर्ती हुआ। यहां पर जब डाक्टर बंसल ने उसे पैसे न देने पर अस्पताल से निकाला तो उसने डाक्टर बंसल को भी मारने की धमकी दी थी। बीरपुर में फरवरी में लालता प्रसाद की हत्या के बाद से वह फरार चल रहा था।