फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

थे डेढ़ दर्जन केस, लखनऊ डबल मर्डर में हुआ था गिरफ्तार

Fri, 02 Nov 2018 02:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
विज्ञापन
प्रयागराज - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो,प्रयागराज
विज्ञापन
पीसीबी हॉस्टल में गोली मारकर मौत के घाट उतारा गया अच्युतानंद उर्फ सुमित शुक्ला शातिर अपराधी था। उस पर लगभग डेढ़ दर्जन मुकदमे दर्ज थे, जिनमेें हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, रंगदारी जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। दो मामले पुलिस पर फायरिंग करने के हैं। खास बात यह कि उस पर शहर से लेकर लखनऊ तक आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने का आरोप था। कर्नलगंज पुलिस की मानें तो अच्युतानंद पर पहला मुकदमा 2011 में दर्ज हुआ। तब वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय का छात्र था। इसके बाद जरायम की दुनिया में उसने कदम रखा तो फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।
विज्ञापन


एक के बाद एक आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के आरोप में उस पर केस लदते चले गए। पुलिस की मानें तो उस पर पहला मुकदमा रंगदारी मांगने के आरोप में दर्ज हुआ। 2012 में वह तब चर्चा में आया जब कटरा में कांस्टेबल नरेश कुमार को गोली मार दी थी। गोली लगने से नरेश घायल हुआ था और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। 2013 में छात्रनेता अजीत यादव पर हुए जानलेवा हमले के मामले में भी उसका नाम आया। इधर, शिवकुटी में पीछा कर रही पुलिस टीम पर फायरिंग करने के आरोप में भी उस पर मामला दर्ज हुआ। इसके बाद 2014 में लखनऊ में हुए डबल मर्डर में नाम आया तो सुमित के नाम से दहशत फैलने लगी।

पुलिस के साथ ही इस मामले में उसकी तलाश एसटीएफ भी लगी थी। कुछ दिनों बाद ही पीसीबी हॉस्टल में छात्रों पर गोली चलाने के आरोप में उसके खिलाफ केस दर्ज हुआ। जिसके बाद पुलिस की ओर से उसकी गिरफ्तारी पर 5000 का इनाम भी घोषित किया गया। 2016 में आखिरकार वह हत्थे चढ़ा जब एसटीएफ ने उसे वाराणसी के सारनाथ से गिरफ्तार किया। पूछताछ मेें उसने कबूल किया था कि पैसों को लेकर हुए विवाद में उसने 28 जनवरी 2014 को गोमती नगर के विशाल खंड में आशीष मिश्रा व रोहित शुक्ला को मौत के घाट उतार दिया था। इस वक्त तक सुमित पर कुल 14 मुकदमे दर्ज हो चुके थे। इसके बाद 2017 में जार्जटाउन थाना क्षेत्र में एक युवक को जिंदा जलाने के प्रयास के आरोप में उस पर केस दर्ज हुआ। इंस्पेक्टर कर्नलगंज सत्येंद्र सिंह का कहना है कि सुमित पर लगभग डेढ़ दर्जन मुकदमे दर्ज थे।
विज्ञापन


पिछले महीने हुए छात्रसंघ के दौरान एसएसपी की ओर से जिन चार छात्रनेताओं पर इनाम घोषित किया गया था उनमें सुमित भी शामिल था। उस पर 25 हजार का इनाम घोषित था। उसके अलावा अभिषेक माइकल, अभिषेक सिंह सोनू व एक अन्य पर इनाम हुआ था। इनमें से अभिषेक माइकल पिछले दिनों ही जेल भेजा जा चुका है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें