पोस्टमार्टम के बाद नीरज वाल्मीकि का शव लेकर उसके परिजन अशोक नगर स्थित घर की ओर रवाना हुए। बवाल की आशंका को देखते हुए कई थानों की पुलिस फोर्स भी साथ थी लेकिन, अशोक नगर पहुंचने से पहले ही उसके परिवार के लोग इंदिरा गांधी चौराहे पहुंच गए और वहां जाम लगाने की कोशिश की। करीब पंद्रह मिनट तक लोगों ने रास्ता रोकने की कोशिश की लेकिन, इसी बीच शव को लेकर परिजन अशोक नगर दुर्गापूजा पंडाल पहुंच गए। परिजनों ने पंडाल के भीतर शव रखकर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। परिजन नीरज की पत्नी को नौकरी समेत परिवार के लिए 25 लाख रुपये मुआवजा मांग रहे थे।
हंगामा बढ़ने के आसार को देखते हुए मौके पर कैंट के अलावा सिविल लाइंस, धूमनगंज, जार्जटाउन थाने से भी भारी पुलिस बल मौके पर बुला लिया गया। कैंट इंस्पेक्टर आरसी रावत ने नाराज लोगों को समझाने की कोशिश की मगर परिजन सुनने को राजी नहीं हुए। हंगामे की सूचना मिलने पर थोड़ी देर में एसीएम द्वितीय एवं सीओ सिविल लाइंस श्रीचंद्रा भी भारी फोर्स के साथ पहुंच गए। उन्होंने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और सरकारी नियमों के तहत मदद दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद परिजन मान गए हालांकि उन्होंने आज अंतिम संस्कार नहीं किया।