तेलियरगंज में शनिवार सुबह अखिलेश्वर महादेव मंदिर में गोवंशीय पशु का कटा सिर मिलने का संवेदनशील मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। कुछ दूर पर रहने वाले एक डेयरी संचालक लालजी यादव की गाय ने शुक्रवार दोपहर मृत बछड़ा जना था। बछड़े के शव को रात में कुत्तों ने नोंच डाला और टुकड़े उठा ले गए। मंदिर के सामने लगे स्कूल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में शनिवार सुबह एक कुत्ता कटा सिर उठाकर मंदिर परिसर में जाता दिखा है। पुलिस ने इस बारे में इलाके में लोगों को बताकर उनका गुस्सा शांत कराया तो तनाव भी खत्म हो गया। इसके बाद इलाके में तैनात पुलिस फोर्स और सुरक्षाबलों को हटा दिया गया।
रसूलाबाद मार्ग स्थित अखिलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में शनिवर सुबह गोवंशीय पशु का कटा सिर मिलने पर हिंदू संगठनों भाजपा, बजरंग दल, विहिप के लोगों ने हंगामा करते हुए चक्काजाम किया था। विहिप नेता शिवम द्विवेदी ने चेतावनी दी थी कि शहर का माहौल खराब करने की साजिश रचने वाले लोगों को 24 घंटे में गिरफ्तार नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन होगा। मौके पर पहुंचे आईजी जोन और एसएसपी ने लोगों को साजिश बेनकाब करने का भरोसा देकर पांच पुलिस टीम को जांच में लगा दिया। दोपहर में ही पुलिस को यह पता चला कि मंदिर से कुछ दूर पर रहने वाले दूध कारोबारी लालजी यादव के डेयरी की एक गाय ने मृत बछड़ा जन्मा था। पुलिस लालजी के घर गई तो वह नहीं मिला। परिजनों ने कहा कि वह शादी का कार्ड बांटने गया है। मगर वह पुलिस के डर से शाम तक घर नहीं लौटा।
हालांकि आसपास के कई लोगों ने पुष्टि कर दी कि लालजी की एक गाय ने शुक्रवार दोपहर डेयरी के पास हाता में मरे बछड़े को जन्मा था। रात में लालजी घर आया तो पुलिस ने उससे पूछताछ की। उसने बताया कि वह मृत बछड़े को डेयरी में उठा लाया और बोरे से ढक दिया था। रात में आवारा कुत्तों ने शव नोच डाला। पुलिस ने महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर के गेट पर लगे कैमरों की फुटेज चेक की तो उसमें शनिवार सुबह करीब सात बजे एक कुत्ता सड़क पर दूर से बछड़े का कटा सिर लाते दिखा। एक कैमरे की फुटेज में यही कुत्ता मंदिर के गेट से भीतर जाता दिखा है। पुलिस का कहना है कि कुत्ता कटा सिर मंदिर परिसर में छोड़कर भाग गया था। इसमें कोई साजिश नहीं थी। इलाके में तनाव के चलते तैनात कई थानों की पुलिस फोर्स, पीएसी और रैपिड एक्शन फोर्स को रविवार दोपहर बाद हटा दिया गया।
पुलिस से झूठ बोलते रहे डेयरी संचालक के परिजन
डेयरी संचालक लालजी यादव के परिवार के लोग घर में पुलिस फोर्स और अफसरों को देख इस कदर घबरा गए कि वे झूठ बोलने लगे जबकि उनका कोई कुसूर था नहीं। पुलिस के पूछने पर परिजन कहने लगे कि उनकी एक गाय ने हफ्ते भर पहले बछड़ा जन्मा था। उन्होंने पुलिस को गाय तो वही दिखाई जिसने 24 घंटे पहले ही मृत बछड़ा जन्मा था लेकिन मृत बछड़े वाली बात छिपा ली और कहा कि इस गाय ने हफ्ते भर पहले बछड़े को जन्म दिया था। घबराए परिजनों ने दूसरी गाय के कुछ दिन पहले पैदा हुए बछड़े को पुलिस के सामने लाकर कहा कि यही वह बछड़ा है। मगर जब पुलिस ने उस बछ़ड़े को गाय के पास भेजा तो वह उसे पैर मारने लगी। इससे पुलिसवालों को शक हुआ कि परिजन सच्चाई छिपा रहे हैं। उस बछड़े को वहां बंधी दूसरी गाय के पास ले जाया गया तो वह बछडे़ को अपना दूध पिलाने लगी। यही नहीं, पुलिस ने मृत बछड़े को जन्म देेने वाली गाय का दुध गर्म करवाया तो उसका पेवश बन गया। ऐसा बमुश्किल 24 घंटे पहले प्रसव वाली गाय के दूध का होता है। रात में लालजी घर लौटा तो उसने कुबूला कि परिजनों ने डर की वजह से झूठ बोला।
‘पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि डेयरी संचालक की गाय ने मृत बछड़े को जन्म दिया था। रात में उसी मृत बछड़े को आवारा कुत्तों ने नोचा था। मंदिर के सामने स्थित स्कूल के कैमरों की फुटेज में एक कुत्ता बछड़े का कटा सिर मंदिर के भीतर ले जाते दिखा है। इससे साफ हो गया कि इस मामले में कोई साजिश नहीं थी।’
-शलभ माथुर, एसएसपी