शहर के मीरापुर इलाके में ककरहा घाट के पास सोमवार सुबह मछुआरे कुलदीप निषाद (26) ने गर्भवती पत्नी को पीटने के बाद हंसिया से गर्दन काटकर आत्महत्या कर ली। वह मानसिक रूप से बीमार चल रहा था। परिवार के लोग पहले पिटाई से बेसुध उसकी पत्नी को हॉस्पिटल ले गए। फिर उसे भी उठाकर अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि उसकी मौत हो चुकी है। इस परिवार में बीती रात ही शादी समारोह था। मगर घर में खुशियों भरे माहौल के बीच अचानक इस घटना से मातम पसर गया। रिश्तेदार भी परिजनों के साथ सिसकते नजर आए।
ककरहा घाट मीरापुर में रहने वाले शिवमोहन निषाद के तीन पुत्रों में कुलदीप निषाद (26) बड़ा था। पिता और तीनों बेटे नाव चलाने के साथ ही मछली पकड़कर बेचते हैं। कुलदीप का ब्याह चार साल पहले कौशाम्बी के मैनापुर में कविता उर्फ मक्को के साथ किया गया था। अभी उनकी कोई संतान नहीं थी। मौजूदा समय में मक्को गर्भवती थी। रविवार को कुलदीप के चचेरे भाई मनु का ब्याह था इसलिए घर में रिश्तेदार जुटे थे। सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे कुलदीप ने अचानक अपनी गर्भवती पत्नी मक्को की पिटाई शुरू कर दी। उसके पेट पर भी चोट पहुंची। वह बेसुध होकर गिरी तो परिवार के लोग घबरा गए। उसे उठाकर मीरापुर में निजी अस्पताल ले जाया गया।
तभी कुलदीप कमरे में घुसा और मछली काटने वाली हंसिया से अपनी गर्दन गहराई तक रेत डाली। उसके गले से खून की तेज धार निकली। लोगों ने देखा तो स्तब्ध रह गए। वह फर्श पर गिरकर तड़पने लगा। उसे भी उठाकर निजी हॉस्पिटल ले जाया गया जहां चेकअप के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उसकी सांस थम चुकी है। शव वापस घर ले जाया गया। तभी सूचना पाकर अतरसुइया थाने की पुलिस वहां पहुंची। परिजनों ने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। यह भी बताया कि कुलदीप कई साल से मानसिक बीमारी से पीड़ित था। उसका इलाज भी कराया जा रहा है। कुलदीप की मां रेनू देवी भी मानसिक रोगी है। इधर कुछ दिन से वह मुहल्ले में उग्र हरकत करने लगा था लेकिन परिजनों ने सोचा कि शादी कार्यक्रम निपट जाए तब उसका इलाज कराया जाएगा। यह लापरवाही भारी पड़ गई।