इलाहाबाद विश्वविद्यालय के ज्वाइंट रजिस्ट्रार मेजर हर्ष छेड़खानी के आरोप में फंस गए हैं। इविवि के लाइब्रेरी में अपरेंटिस के लिए आई एक महिला ने हाथ पकड़कर पास बिठाने और अश्लील बातें करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कर्नलगंज में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। ज्वाइंट रजिस्ट्रार ने पूरे मामले को षड़यंत्र करार दिया।
छेड़खानी का आरोप लगाने वाली महिला तुलारामबाग की रहने वाली है। नौ जनवरी को कानपुर स्थित बोर्ड ऑफ अपरेंटिस कार्यालय से उसको प्रशिक्षण के लिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय भेजा गया। प्रशिक्षण के लिए उसका चयन साक्षात्कार के बाद हुआ था। उसे चयन की सूचना वेबसाइट से मिली थी। उसने ईमेल से प्राप्त प्लेसमेंट लेटर की कॉपी दस फरवरी को इविवि को पत्र के माध्यम से भेजी। 16 फरवरी को रजिस्ट्रार ने यह पत्र ज्वाइंट रजिस्ट्रार मेजर हर्ष को भेज दिया। आरोप है कि उसको न तो ज्वाइन करवाया और न ही ज्वाइनिंग लेटर दिया गया। ज्वाइंट रजिस्ट्रार से मिलने पर उससे अश्लील बातें की गईं। उक्त महिला 18 फरवरी को 3.30 बजे ज्वाइनिंग के लिए अनुरोध करने जब ज्वाइंट रजिस्ट्रार के पास पहुंची तो उससे छेड़खानी की गई।
महिला की ओर से चेतावनी देने पर सरकारी कामकाज में बाधा डालने के आरोप में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी गई। बाहर निकलने पर एक चपरासी ने कुछ ले देकर काम कराने की सलाह दी। महिला का आरोप है कि अन्य प्रशिक्षुओं को भी इसी प्रकार तंग किया जा रहा है। उसकी ओर से एसएसपी दीपक कुमार से इसकी शिकायत किए जाने पर उन्होंने शुक्रवार देर रात ज्वाइंट रजिस्ट्रार के खिलाफ छेड़खानी के आरोप में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। वहीं ज्वाइंट रजिस्ट्रार का कहना है कि उनसे इस संदर्भ में पुलिस ने पूछताछ नहीं की है। महिला एक डिग्री कॉलेज से निलंबित कर्मचारी की पत्नी है। उनको षड़यंत्र के तहत फंसाया जा रहा है।