नैनी/घूरपुर। चार रुपये के झगड़े ने शुक्रवार को सुबह से शाम तक हाहाकार मचाए रखा। जेल बंदीरक्षक इंद्रजीत के घर में भंडारे में रिश्तेदार जुटकर हंसी-ठिठोली कर रहे थे, मगर कुछ ही मिनट के भीतर तस्वीर ऐसी बदली कि दो लोगों की जान चली गई और दिन भर कोहराम मचा रहा। इस घटना में इंद्रजीत के भतीजे राहुल और बहन के बेटे शुभम उर्फ आशु की हत्या से सब कुछ छिन्न-भिन्न हो गया। अब कई परिवार गम में डूबे हैं और गांव में मातम पसरा है। तीन युवक घायल अस्पताल में पड़े हैं। चंद पैसों के विवाद ने इलाहाबाद पुलिस को भी रात तक हलाकान किए रखा।
शुक्रवार सुबह झगड़े के बाद गोली का शिकार हुए युवकों में राहुल भारतीय (20) इंद्रजीत के बड़े भाई शंकरलाल का पुत्र था। वह दो भाइयों में छोटा था। वह स्थानीय डिग्री कॉलेज में बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र था। उसके बडे़ भाई मनदीप का यूपी पुलिस में सिपाही पद पर चयन हो चुका है। केवल वेरीफिकेशन होना बाकी है। पिता शंकरलाल अपना ट्रैक्टर भाड़े पर चलाता है। एक बहन है संजू। गोली लगने से राहुल की मौत के बाद संजू वहां पहुंची तो भाई की लाश देख रोने-कलपने लगी। उसे ऐसा सदमा पहुंचा कि वह भी रोते-चीखते हत्या आरोपियों के घर पर ईंट फेंकते हुए दरवाजा तोड़ने की कोशिश करने लगी। उसे संभालना मुश्किल हो रहा था।
दूसरा मृतक शुभम उर्फ आशुु (18) नैनी में डांडी निवासी भैय्यन भारतीय का पुत्र था। वह अपनी मां सरला देवी और भाइयों के साथ मामा इंद्रजीत के घर भंडारे में गया था मगर बेमौत मारा गया। आशु के पिता भैय्यन का डांडी में शटरिंग का काम है। तीन भाइयों में बड़ा आशु पिछले साल मेजा स्थित नवोदय विद्यालय से इंटरमीडिएट के बाद वह आईआईटी की तैयारी में जुटा था। उससे छोटा अमित ग्यारहवीं कक्षा में है जबकि बॉबी दसवीं का छात्र है। गोली लगने से आशु की मौत का पता चलते ही भाई के घर से निकलकर सरला वहां पहुंची और शव देखकर विलाप करने लगी। कुछ देर में आशु का पिता भैय्यन भी आ गया। वह भी बेटे की लाश देख बदहवास हो गया। इसके अलावा, घायल चक्की में राकेश के हंसिया से हमले में घायल रजत (15), गोली के छर्रे से जख्मी अंकुश (20) और सिर फटने से गंभीर घायल महेंद्र (23) के भी परिवार के लोग दुखी और चिंतित हैं। गांव वालों ने बताया कि प्रदीप (23) भी जख्मी है पर वह अस्पताल नहीं गया।
घूरपुर के मोहद्दीपुर गांव में शुक्रवार सुबह दोहरे कत्ल और बवाल की खबर पहुंची पुलिस फोर्स में शामिल एक एएसआई का वायरलेस हैंडसेट भीड़ के पथराव के दौरान भागते समय गिर गया। एएसआई हैंडसेट के लिए परेशान रहा। उसने अफसरों से भी यह बात बताई। पुलिस विभाग में वायरलेस हैंडसेट गायब होने को गंभीरता से लिया जाता है। एसपी यमुनापार आशुतोष मिश्र ने बताया कि बाद में हैंडसेट बरामद हो गया था।
दो लड़कों को गोली से उड़ाने के बाद घर में छिपे राकेश द्विवेदी और उसके भाइयों को मार डालने पर आमादा भीड़ ने घर पर हमला बोला तो तीन घंटे बाद पुलिस ने किसी तरह सुरक्षा घेरा बनाकर परिवार के नौ लोगों को बाहर निकाला। परिवार की सात साल की एक बालिका इस कदर दहशत में थी कि वह घर से निकलते समय एक सिपाही के गोद में सीने से चिपकी भयभीत नजरों से भीड़ की तरफ ताक रही थी। आगजनी से सहमी इस परिवार की महिलाओं ने दो बक्सों में कपड़े और जरूरी सामान भी भर लिए थे। भीड़ ने पत्थर चलाए तो किसी तरह पुलिस ने उन्हें बचाया।
दोहरे हत्याकांड में घूरपुर थाने में इंद्रजीत भारतीय की तहरीर पर सगे भाइयों राकेश द्विवेदी, राजेश, सुरेश, वशिष्ठ द्विवेदी के अलावा शनि के खिलाफ बलवा, हत्या, धमकी, कत्ल की कोशिश का नामजद केस लिखा गया। इनमें शनि नामजद आरोपी वशिष्ठ का पुत्र है। हालांकि पुलिस को पता चला है कि घटना के वक्त वशिष्ठ घर में नहीं था। वह सिक्योरिटी गार्ड है और अपनी बंदूक लेकर ड्यूटी पर गया था। पुलिस ने बाकी चार आरोपियों को घर से निकालने के बाद गिरफ्तार कर लिया है। एसपी यमुनापार ने बताया कि घर से दो डबल बैरल बंदूक भी बरामद की गई है।