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अतीक के करीबियों पर पुलिस मेहरबान

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अतीक के करीबियों पर पुलिस मेहरबान
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अपहरण, लूट के मामले में दो महीने बाद भी कार्रवाई नहीं
सिर्फ एक आरोपी हुआ गिरफ्तार, तब से ठप पड़ा है मामला

अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। अतीक अहमद के करीबियों पर धूमनगंज पुलिस मेहरबान है। कम से कम मौजूदा कार्यप्रणाली से तो यही साबित होता है। अपहरण, लूट के मामले में पुलिस दो महीने बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है। अब तक सिर्फ एक आरोपी ही गिरफ्तार हुआ है। पूछने पर यही कहा जाता है कि उनकी तलाश जारी है।
बम्हरौली निवासी जैद खालिद ने 8 जनवरी को अतीक समेत 15 लोगों के खिलाफ अपहरण, लूट, मारपीट व अन्य धाराअेां में मुकदमा दर्ज कराया था। उसका आरोप था कि 22 नवंबर 2018 को सुबह 7.00 बजे इमरान (अतीक अहमद का साढू), सद्दाम, अली अहमद , मोहम्मद अहमद, हमदान व फैसल, तालिब, उसैद, खालिद जफर (अतीक अहमद के बहन का दामाद), अरशद, मो0 राशिद उर्फ नीलू, विजय राय, शाबिर उसे कार में अगवा कर देवरिया जेल ले गए। इससे पहले सोने का ब्रेसलेट व 80 हजार नगद भी छीन लिए। जेल मेें अतीक व उसके साथियों ने उसे बुरी तरह पीटा। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने एक आरोपी तालिब को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन दो महीने बीतने के बाद भी अन्य आरोपियों का सुराग नहीं मिल सका है। कुछ आरोपियों ने खुद को बेकसूर बताते हुए फर्जी फंसाए जाने की भी बात कही थी। हालांकि पुलिस अब तक इसकी भी जांच नहीं कर सकी है। काफी समय बीत जाने के बाद भी पुलिस की कार्रवाई जहां की तहां ठप सी पड़ी है। मामले में जानकारी के लिए धूमनगंज इंस्पेक्टर से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। उधर सीओ सिविल लाइंस वृजनारायण सिंह से पूछा गया तो उन्होंने मामले में जानकारी न होने की बात कही।
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लखनऊ पुलिस ने लगाई है चार्जशीट
गौरतलब है अगवा कर जेल में मारपीट के एक मामले में ही पूर्व सांसद समेत आठ लोगों के खिलाफ लखनऊ पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल किया है। गोमतीनगर में रीयल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल को गुर्गों से अगवा करवाकर देवरिया जेल में बंधक बनाकर पीटने और रंगदारी वसूलने के मामले में पुलिस ने अतीक व उनके सात गुर्गों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। तीन आरोपी फारूक, जफर और जकी अहमद ने एक अन्य मुकदमे में इलाहाबाद न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था जिस पर उसे तलब कराने के लिए लखनऊ पुलिस बी-वारंट की अर्जी देने की भी तैयारी में है। उधर अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन का कहना है कि उनके बेटे मो. उमर के खिलाफ कोई गैर जमानती वारंट नहीं जारी हुआ है। न ही वह फरार है।
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