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डेढ़ साल से थी दोस्ती, अक्सर मिलने आती थी ममता

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डेढ़ साल से थी दोस्ती, अक्सर मिलने आती थी ममता
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संजय ने बताया- फेसबुक के जरिए हुई थी दोनों की दोस्ती
कहा- नहीं मालूम कमरे की चाबी कैसे पहुंची ममता के पास

अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। कर्नलगंज में दोस्त के कमरे में छात्रा का शव फांसी पर लटकता पाए जाने की घटना से मोहल्ले में सनसनी है। उधर असिस्टेंट प्रोफेसर दोस्त संजय ने बताया है कि उसकी ममता से करीब डेढ़ साल पहले दोस्ती हुई थी। फेसबुक के जरिए दोनों की जान पहचान हुई।
पुलिस के मुताबिक, छात्रा का शव फांसी पर लटकते पाए जाने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां असिस्टेंट प्रोफेसर संजय मिला। पूछताछ में उसने बताया कि वह करीब चार साल से इलाहाबाद में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। दो साल पहले उसकी नौकरी प्रतापगढ़ में लगी। उसका कहना है कि उसकी ममता से जान-पहचान फेसबुक के जरिए हुई। करीब डेढ़ साल से दोनों की दोस्ती थी। उसने पुलिस को यह भी बताया कि ममता अक्सर उससे मिलने आया करती थी। सूत्रों की मानें तो जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को मौके से ममता का टैबलेट और कुछ कपड़े भी मिले। संजय ने ही पुलिस को बताया कि ममता इविवि से एमएड की पढ़ाई कर रही थी और वह शताब्दी गर्ल्स हॉस्टल में 14 नंबर कमरे में रहती थी।
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कमरे के ताले की थी तीन चाबियां
पूछताछ के दौरान संजय ने पुलिस को बताया कि वह सुबह कमरे में ताला बंद कर कॉलेज गया था। यह पूछने पर कि ममता को कमरे की चाबी कैसे मिली, उसका कहना था कि उसे इस बारे में कुछ नहीं पता। हालांकि उसने यह जरूर कहा कि कमरे में लगे ताले की तीन चाबियां थीं।
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स्टोल, गमछे से बनाया गया था फंदा
संजय ने पुलिस को बताया कि मृतका का शव पंखे में फंसे फंदे पर लटकता मिला था। फंदा स्टोल और गमछे से बनाया गया था। पैटर्न लॉक लगा होने के कारण पुलिस ममता का टैबलेट खोल नहीं सकी।
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