जीएन झा हॉस्टल में मारपीट, बंद कराया काम
बदमाशों ने ठेकेदार के मजदूरों पर किया हमला, हॉस्टल से निकाला
इविवि प्रशासन से की गई शिकायत, अब पुलिस की मौजूदगी में होगा काम
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
जीएन झा हॉस्टल में बृहस्पतिवार दोपहर ठेकेदार के मजदूरों पर हमला कर दिया गया। लग्जरी वाहनों पर लदकर आए बदमाशों ने वहां काम कर रहे मजदूरों की पिटाई कर दी और काम बंद कराते हुए मजदूरों को हॉस्टल से बाहर निकाल दिया। माना जा रहा है कि इस घटना के पीछे जेल में बंद एक पूर्व छात्र नेता का हाथ है। हमलावर उसी पूर्व छात्र नेता के साथी बताए जा रहे हैं और चाहते हैं कि जीएन झा हॉस्टल में चल रहे काम का ठेका उन्हें मिले। मामले में ठेकेदार ने मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर दी है। साथ ही इविवि प्रशासन से भी घटना की लिखित शिकायत की है। इविवि प्रशासन ने अब पुलिस की मौजूदगी में काम कराने का निर्णय लिया है।
जीएन झा हॉस्टल में इन दिनों पेंटिंग का काम चल रहा है। इसका ठेका सीपीडब्ल्यूडी के माध्यम से अजय पांडेय कंस्ट्रक्शन कंपनी को मिला है। बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे के आसपास बिना नंबर वाली काले रंग की स्कॉर्पियो और सफेद रंग की सफारी से दर्जन भर बदमाश वहां पहुंचे और पेंटिंग कर रहे मजदूरों की पिटाई शुरू कर दी। बदमाशों ने मजदूरों को पीटकर वहां से भगा दिया और काम बंद कराते हुए धमकी दी कि दोबारा दिखे तो अंजाम ठीक नहीं होगा। घटना के बाद ठेकेदार अजय पांडेय ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए कर्नलगंज थाने में तहरीर दी और इविवि प्रशासन से भी इसकी लिखित शिकायत की। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे का कहना है कि मामला उनके पास आया था। पुलिस अफसरों से बात की गई है। शुक्रवार से पुलिस की मौजूदगी में ही हॉस्टल में काम कराया जाएगा। इस घटना से जीएन झा हॉस्टल के छात्रों में भी नाराजगी है। उनका कहना है कि पहले भी ऐसी घटना हो चुकी है लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। ऐसी घटनाओं के कारण हॉस्टल की बेहतरी के हो रहे कार्यों के साथ छात्रों की पढ़ाई पर भी असर पड़ता है।