बाघराय इलाके के एक गांव में छात्रा की हत्या कर शव पेड़ से लटकाने के मामले की जांच करने पहुंचे सपा के प्रतिनिधिमंडल ने मृतक छात्रा के परिजनों से मुलाकात करने के बाद उन्हें 20 लाख रुपये आर्थिक मदद और सुरक्षा की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल ने आरोपियों को बचाने वाले पुलिसकर्मियों को दंडित करने की मांग की है।
शनिवार को सपा के प्रतिनिधिमंडल में शामिल जौनपुर के पूर्व मंत्री शैलेंद्र यादव उर्फ ललई, आजमगढ़ विधायक संग्राम सिंह, पूर्व मंत्री नफीस, एमएलसी और सपा के प्रवक्ता उदयवीर सिंह, सुल्तानपुर के पूर्व विधायक अरुण वर्मा बाघराय स्थित मृतक छात्रा के घर पहुंचे। यहां छात्रा के परिजनों से मुलाकात कर पुलिस की भूमिका और अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी की। सपा कार्यालय पर दोपहर में पत्रकारों से बात करते हुए प्रतिनिधिमंडल के सदस्य शैलेंद्र यादव ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रा का शव जब पेड़ से लटकता हुआ मिला था, तो परिजनों के पहुंचने से पहले पेड़ से क्यों उतरवाया गया। हत्यारों ने जेसीबी मशीन मंगाकर उसे दफनाने की तैयारी भी कर ली थी। इसके बावजूद पुलिस उन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करने के साथ ही पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता के रूप में 20 लाख रुपये की मांग की है। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि पुलिस पूरे मामले की लीपापोती करने में जुटी हुई है। वास्तविक आरोपियों पर पुलिस शिकंजा नहीं कस पा रही है। भाजपा सरकार में अपराध पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। सदस्यों ने चेताया है कि अगर पीड़ितों को न्याय नहीं मिला, सपा आंदोलन छेडने को बाध्य होगी। इस मौके पर पूर्व विधायक नागेंद्र सिंह यादव, जिलाध्यक्ष राम सिंह पटेल, जिला महासचिव इरशाद सिद्दीकी, हरीश शुक्ला, सद्दाम हुसैन, मोहम्मद आजम आदि मौजूद रहे।