छोटा बघाड़ा में रहने वाले इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग के लिपिक बृजकिशोर तिवारी के बेटे 11वीं के छात्र अंजनी तिवारी उर्फ सूरज ने रुपये कमाने के लिए अपने ही पिता को चूना लगाने का प्लान बना लिया। उसने किराएदार अखिलेश यादव के दोस्त सुरेश कुमार यादव के साथ मिलकर अपने ही अपहरण का ड्रामा रच लिया। वह 11 अप्रैल को लापता हो गया और पिता को दो लाख की फिरौती के लिए फोन करवाया। पुलिस अपहरण के मामले को पहले दिन से ही संदिग्ध मान रही थी। क्राइम ब्रांच इन्वेस्टिगेशन विंग के प्रभारी विनोद कुमार सिंह ने बृजकिशोर के माध्यम से रुपये देने के लिए मंगलवार दोपहर अपहरणकर्ता को झूंसी स्टेशन पर बुलाया गया और दबोच लिया गया। पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद सुरेश ने अंजनी को भी बरामद करा दिया।
अंजनी ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मंदिर रसूलाबाद में 11वीं में पढ़ता है। उसे रुपये की जरूरत थी, इसलिए उसने अपने ही अपहरण का ड्रामा किया। उसने किराएदार अखिलेश यादव के दोस्त सुरेश से संपर्क साधा। तय हुआ कि दो लाख रुपये की फिरौती मांगी जाएगी। सुरेश को 50 हजार रुपये मिलेंगे। सुरेश इसके लिए राजी हो गया। सुरेश सराय ममरेज के सोरो गांव का रहने वाला है और कानपुर विवि में बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र है। अंजनी 11 की शाम पांच बजे लापता हुआ। वह घर से निकला और लौटकर नहीं आया। कुछ देर बाद बृजकिशोर के पास एक नंबर से फोन आया कि उनका बेटा उसके कब्जे में है। बेटे को जिंदा चाहते हों तो दो लाख का इंतजाम कर लें। बृजकिशोर भागकर कर्नलगंज थाने पहुंचे। दो लाख रुपये की फिरौती की बात सुनते ही पुलिस का माथा ठनका। पुलिस ने अपने तरीके से खोजबीन शुरू कर दी।