मीरगंज। मां-बाप की हत्या के आरोपी वकील दुर्वेश को तो जेल भेज दिया गया लेकिन आला ए कत्ल के तौर पर उसके पास से तमंचे की बरामदगी दिखाने पर सवाल उठ रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दुर्वेश जब हत्या करने बाइक पर बैठकर आया था तो उसके दोनों कंधों पर बंदूकें थीं। मीरगंज की मेवात टीचर कॉलोनी निवासी रिटायर्ड शिक्षक लालता प्रसाद और उनकी पत्नी मोहन देवी की संपत्ति विवाद में हत्या 13 अक्तूबर की सुबह उन्हीं के बेटे दुर्वेश गंगवार ने कई गोलियां मारकर कर दी थी। लोगों के मुताबिक उन्होंने दुर्वेश को दोनों कंधों पर बंदूक टांगकर बाइक पर घर आते हुए देखा था। हत्या के बाद वह दोनों बंदूकें लेकर पैदल नदी की तरफ चला गया। सोमवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। रिकार्ड में उसकी गिरफ्तारी कुतुबपुर जाने वाले रोड के पास से दिखाई और जेल भेज दिया।
पुलिस ने आला कत्ल के रूप में उसके पास से 12 बोर का एक तमंचा और चार जिंदा कारतूस दुर्वेश के पास से बरामद दिखाए हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब हत्या बंदूक से की गई तो तमंचा कहां से आ गया। आरोपी खुद वकील है और कानूनी बारीकियां जानता है। कहीं वह इस खामी का लाभ कोर्ट में न उठा ले।
हत्यारोपी दुर्वेश को अगर किसी पड़ोसी ने हत्या करते देखा तो पकड़ा क्यों नहीं, पुलिस को दुर्वेश ने ही तमंचा बरामद कराया है। अब तक की जांच के हिसाब से तो इसी तमंचे से गोली मारी गई है। आगे कोई और स्थिति सामने आएगी तो उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. संसार सिंह, एसपी देहात