रेप पीड़ित महिला का पुलिस बयान नहीं दर्ज करा रही है। उल्टे मामले में अंतिम रिपोर्ट लगा दी है। पीड़िता ने कोर्ट में अर्जी देकर फरियाद की तो अदालत ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इंस्पेक्टर खुल्दाबाद को तलबकर स्पष्टीकरण मांगा है। चेतावनी दी है कि यदि वह हाजिर नहीं होते हैं तो उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मामला जार्जटाउन थाने में दर्ज मुकदमे का है। पीड़ित युवती ने 16 नवंबर 2014 को जार्जटाउन थाने में दुराचार की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसकी जांच बाद में खुल्दाबाद थाने को सौंप दी गई। इंस्पेक्टर खुल्दाबाद ने जांच पूरी कर मामले में अंतिम रिपोर्ट लगा दी। पीड़िता का अदालत में धारा 164 के तहत बयान तक नहीं दर्ज कराया। उसने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखकर कोर्ट में बयान कराने के लिए कहा मगर पुलिस ने बयान नहीं कराया।
आरोप है कि इस दौरान दो मई 2015 को आरोपी ने पीड़िता को रास्ते में अपने गाड़ी से कुचलने की कोशिश की तथा उसे धमकाया भी। इसका भी मुकदमा दर्ज कराया गया है। पीड़िता ने कोर्ट में अर्जी देकर बयान कराने की मांग की तो अदालत ने खुल्दाबाद थाने से अंतिम रिपोर्ट के बाबत आख्या मांगी। 20, 22 और 28 अप्रैल को आख्या मांगने के बाद भी थाने से आख्या नहीं भेजी गई। न्यायिक मजिस्ट्रेट नीलिमा सिंह ने इसे गंभीरता से लेते हुए इंस्पेक्टर खुल्दाबाद को आठ मई को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है।