मुंबई की रहने वाली नर्सिंग छात्रा ज्योति जॉन (20) को शनिवार रात टेंपो में मिले जहरखुरानों ने नशीला पदार्थ खिलाकर लूट लिया। वह छिवकी स्टेशन पर उतरी थी। बेहोश होने के बाद उसे नैनी के पुराने पुल के समीप बलुआघाट में फेंक दिया गया। ज्योति की जब आंख खुली तो वह काल्विन अस्पताल में थी। उसका बैग, पर्स, मोबाइल फोन के साथ ही चेन भी गायब थी। उसे पार्षद सतीश केसरवानी ने अस्पताल में भर्ती कराया और कोरांव में रहने वाली चचेरी बुआ को खबर दी। युवती की हालत खतरे के बाहर बताई जा रही है।
मुंबई के नया गांव की ज्योति ने तमन्ना नर्सिंग स्कूल से नर्सिंग कोर्स किया है। कोर्स पूरा होने के बाद वह अपने घर लौट गई थी। डिग्री लेने के लिए वह शनिवार रात वह महानगरी एक्सप्रेस से छिवकी स्टेशन पहुंची। रात में ही टैगोर टाउन जाने के लिए वह एक टेंपो में सवार हुई। टेंपो में ड्राइवर के साथ एक और व्यक्ति भी था। ज्योति के मुताबिक वह स्टेशन के पास ही एक ढाबे में नाश्ते के लिए रुकी। आशंका जताई कि उसी बीच उसके नाश्ते में कोई नशीला पदार्थ मिला दिया गया। उसके बाद क्या हुआ, उसे याद नहीं। रविवार सुबह आठ बजे पुल के समीप लोगों ने युवती को बेहोश देखा तो पार्षद सतीश केसरवानी को खबर दी। उसके मुंह से झाग निकल रहा था।
सतीश केसरवानी मौके पर पहुंचे और कीडगंज पुलिस को खबर देने के बाद उसे काल्विन अस्पताल में भर्ती करा दिया। तलाशी में ज्योति के पास एक पर्ची मिली जिसमें उसके पिता पंचम प्रसाद जॉन का नंबर मिला। उन्होंने पंचम प्रसाद को फोन करके जानकारी दी। पंचम लाल ने उनको ज्योति की कोरांव में रहने वाली चचेरी बुआ प्रेम कुमारी का मोबाइल नंबर दिया। उन्होंने उसकी बुआ को फोन किया। वह शाम को अस्पताल पहुंच गईं। ज्योति के शरीर पर चोट के निशान नहीं हैं। उसके पास जितना भी सामान था, वह लूट लिया गया। उसके पिता मुंबई में सरकारी नौकरी करते हैं। ज्योति अब भी पूरी तरह होश में नहीं आई है।
पुलिस गश्त की पोल इस एक घटना ने खोल दी। युवती को रात में ही पुल के समीप फेंक दिया गया था लेकिन पुलिस को वह नजर नहीं आई। पार्षद की सूचना के बाद पुलिस अस्पताल पहुंची थी। उसके पूरी तरह होश में आने के बाद टेंपो चालक का हुलिया लिया जाएगा।