इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के वीसी ने कहा कि वे इस्तीफा देने को हैं तैयार
इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय की शोध (क्रेट) तथा एलएलबी प्रवेश परीक्षा में संबंधित एजेंसी को पूरी छूट नहीं होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन इस पर नजर रखेगा। बडे़ पैमाने पर अनियमितता की बात सामने आने के बाद आगामी प्रवेश परीक्षाओं में विश्वविद्यालय का नियंत्रण बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
बड़े पैमाने पर नकल की शिकायत के बाद क्रेट की एक केंद्र की परीक्षा दोबारा करानी पड़ रही है। परीक्षा 10 अगस्त को होगी। परास्नातक प्रवेश परीक्षा में भी नकल की शिकायत रही। हालांकि, जांच कमेटी ने क्लीन चिट दे दी है, लेकिन विवाद बना हुआ है। इन परीक्षाओं में एजेंसी की लापरवाही सामने आई है। इसलिए एजेंसी के अधिकार सीमित कर दिए गए हैं। परीक्षा केंद्र के निर्धारण में विश्वविद्यालय प्रशासन का हस्तक्षेप होगा। इसी के तहत क्रेट की निरस्त परीक्षा विश्वविद्यालय परिसर में ही कराने का निर्णय लिया गया है। एलएलबी और बीएएलएलबी पाठ्यक्रमों को लेकर भी गतिरोध दूर हो चुका है। इन पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा भी जल्द होगी। प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रोफेसर बीएन सिंह का कहना है आगामी परीक्षाआें में केंद्र निर्धारण तथा प्रक्रिया विश्वविद्यालय की निगरानी में पूरी की जाएगी।
इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय की एलएलबी ऑनर्स और बीएएलएलबी पाठ्यक्रमों की मान्यता को लेकर उठे सवाल के बीच जिम्मेदार अध्यापकों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी है। इन दोनों पाठ्यक्रमों के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया से कई वर्ष से स्वीकृत नहीं ली गई। इसका खामियाजा यह रहा कि इस दौरान की डिग्री को लेकर ही सवाल खड़ा गया है तो नए सिरे से अनुमति लेने की प्रक्रिया में विश्वविद्यालय और कालेजों में एलएलबी की 579 सीट भी कम हो गई है। बीएएलएलबी की तीन सीट में भी कटौती हुई है। इसके अलावा विश्वविद्यालय और कालेजों को छह-छह लाख रुपये भी जमा करने पड़े। इस स्थिति के लिए अध्यापकों और अफसरों की लापरवाही को कारण माना जा रहा है। ऐसे में जिम्मेदार शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है।