प्रतियोगियों के सामने एक बार फिर संकट है। एक साथ परीक्षाएं पड़ जाने से छात्र-छात्राआें को कई अवसरों से वंचित होना पड़ेगा। आगामी रविवार से लगातार परीक्षाएं हैं। मुश्किल यह कि तकरीबन हर रविवार को दो परीक्षाएं पड़ रही हैं। ऐसे में दोनों परीक्षा के लिए आवेदन करने वालों को एक अवसर से वंचित होना पड़ेगा।
प्रदेश के इंजीनियरिंग कालेजों के बीटेक पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा 18 और 19 अप्रैल को होगी। इसके अलावा 19 अप्रैल को संघ लोक सेवा आयोग की राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) परीक्षा भी है। ज्यादातर विद्यार्थी दोनों परीक्षाओं के लिए आवेदक हैं। ऐेसे में इन्हें एक अवसर से वंचित होना पड़ेगा। इसके बाद 10 मई को पीसीएस-2015 प्रारंभिक परीक्षा है लेकिन इसी दिन इलाहाबाद विश्वविद्यालय की एमबीए और एमबीएआरडी पाठ्यक्रमाें की प्रवेश परीक्षा है। चूंकि पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 29 मार्च को हुई थी लेकिन पेपर लीक होने की वजह से पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा का पहला पेपर निरस्त कर दिया गया, जो अब 10 मई को होगी।
ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन की सतर्कता के बावजूद दो महत्वपूर्ण परीक्षाएं टकरा रही हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय और बीएचयू की परास्नातक मास कम्युनिकेशन की प्रवेश परीक्षाएं एक ही दिन 26 मई को पड़ गई हैं। बीएचयू की प्र्रवेश परीक्षा सुबह नौ से 11 बजे के बीच है। इसके मद्देनजर इलाहाबाद विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा का समय दिन में एक बजे से कर दिया गया है। पहले परीक्षा 11 बजे से होनी थी। ऐसे में दोनों परीक्षाओं के लिए वाराणसी में सेंटर मांगने वाले अभ्यर्थियों को तो राहत मिल जाएगी लेकिन दूसरे जिले के परीक्षार्थियों को एक अवसर से वंचित होना पड़ेगा। इसी तरह से 25 मई को मेडिकल कालेजों की प्रवेश परीक्षा है। पहले यह परीक्षा 24 मई को थी। विवि की परास्नातक प्रवेश परीक्षा भी 25 मई को है। इनके अलावा भी कई परीक्षाएं टकरा रही हैं। इसकी वजह से परीक्षार्थियों को अवसरों से वंचित होना पड़ेगा।