तरह-तरह के शिल्पों से सज गया शिल्पहाट
सांस्कृतिक केंद्र का शिल्प हाट एक बार फिर तरह-तरह के शिल्पों से सज गया है। पंद्रह दिनी शिल्प मेले के तहत विभिन्न राज्यों से आए शिल्पी अपने उत्पादों के साथ शहरियों से रिश्ता जोड़ रहे हैं।
फिलहाल शिल्प मेले में रामपुर की साड़ियां, खुर्जा की क्रॉकरी, नागपुर की ज्वैलरी, पिलाखवा की चादर, कश्मीरी कढ़ाई की कुर्तियां, कोटा की साड़ियां, पंजाब की जूतियां राजस्थान की ज्वैलरी, पंजाब फुलकारी के सूट, राजस्थानी चूर्ण, हैदराबाद की पल्स ज्वेलरी सहित पचास से ज्यादा दुकानें तरह-तरह के शिल्पों से सजी हैं।
इन सबके बीच नागपुर के धीरज विकाने अपने काष्ठशिल्प के साथ सभी को आकर्षित करते हैं। काष्ठ को अलग-अलग कलारूप देने के बाद कैनवास पर सजाकर तैयार हुई कलाकृति अलग छाप छोड़ती है। शिल्प बाजार सुबह ग्यारह बजे से रात दस बजे तक खुला रहेगा।