प्रयागराज। कोरोना के मामले में पांचवें दिन संक्रमण से तो थोड़ी राहत मिली, लेकिन संक्रमण की चपेट में आने से मरने वालों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग चिंतित हो गया है। बुधवार को नए संक्रमित होने वालों के मुकाबलें संक्रमण मुक्त होने वालों की संख्या 965 अधिक रही। हालांकि, मरने वालों का आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 22 रहा, जो कि रिकार्ड है। उधर बुधवार को भी अस्पतालों में बेड के लिए संक्रमित लोग जूझते रहे। 71 लोगों की छुट्टी मिलने के बाद नए लोगों को भर्ती किया गया लेकिन अभी भी तकरीबन डेढ़ हजार ऐसे लोग हैं, जिन्हें बेड की जरूरत है।
कोरोना के नोडल ऑफिसर डॉ. ऋषि सहाय के मुताबिक बुधवार को भी 13549 लोगों की जांच की गई। उसमें से 1493 लोग संक्रमित पाए गए जबकि 22 लोगों की मौत हुई है, जो कि एक नया रिकार्ड है। इसके अलावा 2458 लोग संक्रमण मुक्त हुए हैं। इसमें से 75 लोगों को स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय, बेली, रेलवे अस्पताल और कुछ निजी अस्पतालों से कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद छुट्टी दी गई है। साथ ही 2383 लोगों का होम आइसोलेशन पूरा हो गया । बुधवार को संक्रमण मुक्त होने वालों की संख्या अधिक होने से एक्टिव केसों की संख्या भी कम हुई है।
विभाग के मुताबिक तकरीबन 16 हजार अभी एक्टिव केस हैं। इसमें से तकरीबन दो हजार लोग स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय, बेली, रेलवे अस्पताल सहित 12 निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। इसके अलावा तकरीबन डेढ़ हजार ऐसे संक्रमित हैं, जिन्हें बेड की जरूरत है। बेड न मिलने की वजह से वे होम आइसोलेशन में हैं। बुधवार को कई मरीजों के तीमारदार अस्पतालों में भटकते रहे लेकिन बेड खाली न होने से भर्ती नहीं हो सके। उधर, पांच दिनों से लगातार संक्रमितों की संख्या में कमी होने की वजह से स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने भले ही राहत की सांस ली, लेकिन बढ़ती मौतों की संख्या ने अफसरों की चिंता बढ़ा दी है।