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कोविड-19:निजी अस्पतालों की ओपीडी बंद करने पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

Mon, 15 Jun 2020 08:19 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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Allahabad High Court
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कोविड-19 संक्रमण के दौरान प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी बंद करने के प्रदेश सरकार के निर्णय पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकार से   जवाब मांगा है। पूछा है कि किस नीति के तहत निजी अस्पतालों को बंद करने का निर्णय लिया गया।

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हाईकोर्ट ने सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में कोविड-19 के मरीजों के अलावा अन्य मरीजों का इलाज प्रतिबंधित करने की सरकार की नीतियों के खिलाफ दाखिल अलग-अलग जनहित याचिकाओं पर प्रदेश सरकार के अपर महाधिवक्ता से 18 जून को जरूरी जानकारी लेकर कोर्ट को बताने को कहा है।

कोर्ट ने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी कैसे बंद की जा सकती है। ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट व विधि छात्र विनायक मिश्रा, विशाल तलवार आदि की याचिका पर न्यायमूर्ति पंकज मित्तल व न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। विधि छात्र ने स्वयं कोर्ट में पक्ष रखा।
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याची पीपुल्स फ्रंट के अधिवक्ता प्रांजल शुक्ला ने कहा कि  पिछले सप्ताह नोएडा में अस्पतालों में भर्ती से मना करने के कारण एक गर्भवती महिला की मौत चुकी है। उन्होंने कोविड मरीजों के अलावा अन्य किसी मरीज का इलाज करने को प्रतिबंधित करने संबंधी सरकारी नीतियों को असांविधानिक बताते हुए इसे रद्द करने की अदालत से मांग की है।

कोर्ट ने इस जनहित याचिका में सरकार का पक्ष रख रहे अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल से कहा कि वह 18 जून को इस मामले में सरकार से जरूरी जानकारी लेकर अपना पक्ष रखें। याचिका में 23 मार्च 2020 व 31 मई 2020 की उस अधिसूचना को चुनौती दी गई है, जिसके द्वारा कोविड मरीजों के अलावा अन्य मरीजों के इलाज को सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में प्रतिबंधित कर दिया गया है।

मांग की गई है कि कोविड-19 मरीजों के अलावा अन्य मरीजों का भी इलाज अस्पतालों में किया जाए। यह भी मांग की गई है कि कोविड मरीजों के इलाज के लिए अलग से इंफ़्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाए। हाईकोर्ट इस मामले में इसी सप्ताह बृहस्पतिवार को सुनवाई करेगी ।

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