यह आदेश फास्ट ट्रेक कोर्ट की न्यायाधीश निशा झा ने सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी मृत्युंजय त्रिपाठी एवं आरोपित के अधिवक्ता के तर्कों को सुनने के बाद दिया। वादी ने सराय ममरेज पर 14 अप्रैल 2010 को गुमशुदगी दर्ज कराई थी कि तीन अप्रैल 2010 को उसकी बेटी उसकी मां के साथ बाजार गई थी तो उसे अजय उर्फ बेबी एवं अशोक कुमार बहला फुसलाकर भगा ले गया
नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ दुराचार करने के आरोपी को अदालत ने सात वर्ष की कैद व 13 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया। मामला थाना सराय ममरेज क्षेत्र का है। अदालत ने कहा कि मामले की परिस्थितियों पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिशीलन से यह स्पष्ट है कि आरोपी अजय उर्फ बेबी के द्वारा वादी की नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया और उसके साथ दुराचार किया यह आरोप साबित करने में अभियोजन पक्ष पूर्ण रूप से सफल रहा है, इसलिए आरोपित दंडित किए जाने के योग्य है।
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यह आदेश फास्ट ट्रेक कोर्ट की न्यायाधीश निशा झा ने सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी मृत्युंजय त्रिपाठी एवं आरोपित के अधिवक्ता के तर्कों को सुनने के बाद दिया। वादी ने सराय ममरेज पर 14 अप्रैल 2010 को गुमशुदगी दर्ज कराई थी कि तीन अप्रैल 2010 को उसकी बेटी उसकी मां के साथ बाजार गई थी तो उसे अजय उर्फ बेबी एवं अशोक कुमार बहला फुसलाकर भगा ले गया। पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत किया। विवेचना के दौरान मुकदमा पीड़िता को आरोपितों के कब्जे से बरामद किया। दौरान मुकदमा एक आरोपी अशोक कुमार की मृत्यु हो जाने के कारण उसके विरुद्ध मुकदमे की कार्यवाही समाप्त की गई।
इन धाराओं में मिली सजा
धारा :363 आईपीसी 5 वर्ष कैद ,3 हजाररूपये जुर्माना
धारा : 366 आईपीसी 7 वर्ष की कैद 5 हजार रूपये जुर्माना
धारा :376 आईपीसी 7 वर्ष की कैद व 5 हजार रुपए जुर्माना