हाईकोर्ट ने वाराणसी के सांसद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर उनको नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने उनको 21 अगस्त तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। बीएसएफ के बर्खास्त सिपाही तेजबहादुर की यादव की याचिका पर न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता सुनवाई कर रहे हैं। कोर्ट ने याचिका में पक्षकार बनाए गए एबीपी न्यूज चैनल सहित अन्य विपक्षियों को पक्षकार से हटाने की याची की मांग स्वीकार कर ली है। याची अधिवक्ता को इस आशय की अर्जी दाखिल करने का समय दिया है।
याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेंद्र ने बहस की। याची का कहना है कि उसके नामांकन पत्र को गलत जानकारी देने के आधार पर निरस्त कर दिया गया। ऐसे करने से पूर्व उसे जवाब दाखिल करने का समय नहीं दिया गया। नियमानुसार नामांकन निरस्त करने से पूर्व उसे अपना पक्ष रखने के लिए 24 घंटे का समय दिया जाना चाहिए था। याचिका में चुनाव अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव में निर्णय लेने का आरोप लगाया गया है। याची का नामांकन बीएसएफ से बर्खास्तगी की जानकारी छिपाने के आधार पर निरस्त किया गया था।
याची का दावा है कि न्यूज चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में ऐसे तथ्य हैं जो उसके आरोपों की पुष्टि करते हैं। कोर्ट ने आवश्यक रूप से चुनाव आयुक्त सहित चुनाव अधिकारियों व न्यूज चैनल को पक्षकार बनाने पर आपत्ति की जिस पर याची ने पक्षकार से हटाने की मांग की। कोर्ट ने याची को अर्जी दाखिल करने की छूट दी है। कोर्ट ने नोटिस पंजीकृत डॉक और समाचारपत्र में प्रकाशित करने का आदेश दिया है। याचिका की अगली सुनवाई 21 अगस्त को होगी।