कम से कम वकील कोर्ट रूम में हों मौजूद
पीठासीन अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे कि अदालत की कार्यवाही के लिए एक समय में कम से कम वकील कोर्ट रूम में मौजूद हों, लेकिन मामलों में पार्टियों की उपस्थिति को तब तक नहीं रोकेंगे, जब तक कि कोई बीमारी न हो।
प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति द्वारा मास्क लगाना जरूरी होगा। साथ ही न्यायालय कक्ष के दरवाजे पर सैनिटाइजर की व्यवस्था की जाएगी और कोर्ट रूम में सोशल डिस्टेंसिंग के दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा।
सूचीबद्ध वाले वादी और अधिवक्ता करेगे प्रवेश
न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं / वादियों के प्रवेश को प्रतिबंधित / विनियमित करने के लिए संबंधित बार एसोसिएशन पदाधिकारियों के साथ चर्चा के बाद आवश्यक सहयोग लिया जा सकता है। जैसे ही मामले में सुनवाई हो जाती है अधिवक्ता/वादी न्यायालय कक्ष/परिसर से बाहर निकल जाएंगें। केवल ऐसे अधिवक्ताओं, वादियों को न्यायालय परिसर में प्रवेश करने की अनुमति दी जा सकती है, जिनके मामले/मामले सूचीबद्ध हैं।
जिला न्यायाधीश / पीओ, सर्वोच्च न्यायालय / उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा न्यायिक पक्ष में दिए गए निर्देशों और केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा कोविड -19 के संबंध में जारी सभी निर्देशों / दिशानिर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। अधिसूचना में कहा गया है कि यह निर्देश अगले आदेश तक लागू रहेंगे।