इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बालिग की अपनी पसंद से की गई शादी के मामले में आदेश का पालन नहीं करने को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने इसे प्रथम दृष्टया न्याय की प्रक्रिया में बाधा डालने और आदेशों की अवहेलना का मामला माना है। इस पर जौनपुर के एसपी से व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र सामंत की खंडपीठ ने दिया है। याची हिमांशी सिंह का कहना है कि उसने विशाल गौतम से मर्जी व सहमति से 15 अक्तूबर 2023 को शादी की थी। दोनों बालिग हैं और विवाह पंजीकृत है। याची ने सुरक्षा और बीएनएसएस की धारा-180 व 183 का बयान दर्ज कराने की मांग में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
कोर्ट ने 13 जुलाई के आदेश से याची को 20 अगस्त को जौनपुर के एसपी कार्यालय में उपस्थित होने और महिला पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराने का आदेश दिया था। साथ ही उसे पुलिस, ससुराल या परिवार की ओर से परेशान नहीं किए जाने का आदेश दिया था। याची के अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि 20 अगस्त को कार्यालय पहुंचने के बावजूद एसपी ने आवेदन और कोर्ट का आदेश लेने से इन्कार कर दिया।
कोर्ट ने इसे प्रथम दृष्टया आदेश की अवहेलना मानी। इस पर तीन सितंबर को एसपी को तलब किया था। कोर्ट के आदेश पर एसपी हाजिर हुए थे। कोर्ट ने उन्हें व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है। डीआईजी वाराणसी रेंज को मामले की प्रशासनिक जांच कर रिपोर्ट देने और एडीजी वाराणसी जोन को 13 जुलाई के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कहा है। याची का बयान पांच सितंबर को मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज होगा। उसे पुलिस सुरक्षा भी दी जाएगी। 10 सितंबर को सुनवाई होगी।