इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उच्च शिक्षा निदेशक (बीएल शर्मा) की पात्रता और उनकी नियुक्ति को चुनौती देने वाली जनहित याचिका को रिट ए में बदल दी है। कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति की पात्रता के खिलाफ जनहित याचिका स्वीकार्य नहीं है।
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उच्च शिक्षा निदेशक (बीएल शर्मा) की पात्रता और उनकी नियुक्ति को चुनौती देने वाली जनहित याचिका को रिट ए में बदल दी है। कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति की पात्रता के खिलाफ जनहित याचिका स्वीकार्य नहीं है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति अरुण कुमार की खंडपीठ ने दिया है।
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प्रयागराज के बृजेंद्र कुमार मिश्रा की ओर से दायर जनहित याचिका में यूपी के उच्च शिक्षा निदेशक की पात्रता पर सवाल उठाए गए थे। कोर्ट ने कहा कि सेवा संबंधी मामलों या किसी अधिकारी की पात्रता के विरुद्ध जनहित याचिका दायर करना कानूनी रूप से उचित नहीं है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि याचिकाकर्ता को पात्रता संबंधी कोई आपत्ति है तो वह नियमित याचिका के माध्यम से न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकता है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट से अनुरोध किया कि इस जनहित याचिका को रिट-ए में परिवर्तित करने की अनुमति दी जाए।
कोर्ट ने मामले के गुणों पर कोई टिप्पणी किए बिना इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने कार्यालय को इस मामले को रिट ए के रूप में पंजीकृत करने का निर्देश दिया। जनहित याचिका की श्रेणी से हटाकर उपयुक्त पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए।