शासन की तरफ से रविवार को मांडा रोड स्थित गंगा नदी पर सेतु को मंजूरी मिल गई। इस पुल के बनने से कोरांव, करछना, मेजा, मांडा और जंगीगंज के करीब 250 गांवों के लोगों का सफर आसान होगा।
शासन की तरफ से रविवार को मांडा रोड स्थित गंगा नदी पर सेतु को मंजूरी मिल गई। इस पुल के बनने से कोरांव, करछना, मेजा, मांडा और जंगीगंज के करीब 250 गांवों के लोगों का सफर आसान होगा। इसके अलावा बनारस और मिर्जापुर आने-जाने में भी कम समय लगेगा। वहीं, शासन से मंजूरी के बाद तीन महीने के भीतर सेतु निगम पुल का निर्माण शुरू कर देगा।
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अभी तक मांडा रोड पर स्थित डेंगुर घाट पर पीपापुल के निर्माण के बाद उसका उपयोग आवागमन के लिए किया जाता था। जिसके चलते लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। ऐसे में यहां पर पक्के पुल की मांग काफी लंबे समय से हो रही थी।
वहीं, करीब छह महीने पहले मांडा रोड से जंगीगंज को जोड़ने वाले गंगा नदी पर सेतु का प्रस्ताव सेतु निगम की तरफ से शासन को भेजा गया था। इस टू लेन पुल की कुल लंबाई 1340 मीटर है और पुल के निर्माण में 325 करोड़ रुपये व्यय होंगे। शासन की तरफ से इसे मंजूरी मिल गई है। मंजूरी मिलने से लोगों को काफी खुशी है। सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक रोहित मिश्रा ने बताया कि शासन से मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ऐसे में पुल का निर्माण तीन महीने के भीतर शुरु होने की संभावना है। इस पुल को बनने में लगभग तीन साल का समय लगेगा।