मौके पर मौजूद शिवकुटी पुलिस ने किसी तरफ सभी को समझा बुझाकर दोनों के शवों पोस्टमार्टम हाउस भिजवाए थे। वहीं, बुधवार को वीडियोग्राफी के बीच डॉक्टरों के पैनल ने दोनों के शवों का पोस्टमार्टम किया। इसमें गला कसने से दोनों की मौत होने की बात सामने आई। सूत्रों के अनुसार, दोनों की मौत के समय में कुछ अंतर रहा। वहीं, भगवान दास के भाई अरविंद कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में लक्ष्मी के माता-पिता, भाई और एक पड़ोसी युवक पर हत्या का आरोप लगाया है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि भाई के साले के हाथ में नाखून से खंरोच के निशान भी हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि उनके भाई को ससुराल के लोगों ने पहले मारा और फिर फंदे से लटका दिया। शिवकुटी इंस्पेक्टर विरेंद्र यादव ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की गला कसने से मौत होने की पुष्टि हुई है। हत्या का आरोप बिल्कुल गलत है। उन्होंने किसी भी पक्ष से तहरीर मिलने से भी इन्कार किया है।
पिता बोले- मेरी इकलौती बेटी थी, वह भी छोड़कर चली गई
उधर, पोस्टमार्टम के बाद शवों को बाहर निकाला गया और एक ही एंबुलेंस से अंतिम संस्कार के लिए रसूलाबाद घाट ले जाया गया। लक्ष्मी के पिता घनश्याम एंबुलेंस में रखे बेटी के शव का चेहरा देखकर फूट-फूट कर रोने लगे और बोले कि लक्ष्मी उनकी इकलौती बेटी थी। वह भी उन्हें छोड़कर चली गई।