कोई मरीज अगर दर्द, उलझन, छाती में दर्द, घबराहट और सांस फूलने की बात कहता है तो भी एआई बेस्ड कैमरे इसे सुनकर तुरंत अलार्म बजा देंगे। मोबाइल फोन का अलार्म तभी बंद होगा, जब इसका रिप्लाई ओके में देंगे। इसके बाद तीन मिनट के अंदर मरीज के पास चिकित्सक का पहुंचना अनिवार्य होगा।
छावनी बोर्ड के सीईओ मोहम्मद समीर इस्लाम के मुताबिक एआई तकनीक से अनूठा आईसीयू वार्ड तैयार करने में सिर्फ 3200 रुपये खर्च हुए हैं। यह राशि एआई सॉफ्टवेयर के सालाना लाइसेंस की फीस बतौर चुकाई गई है। सूत्रों के मुताबिक, बृहस्पतिवार को आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां की सुविधाओं का डेमो लेंगे। इसके लिए यहां आठ मिनट का समय निर्धारित किया गया है।
एआई ट्रांसलेटर एप से हर भाषा में होगी बात
आईसीयू में एआई ट्रांसलेटर एप का भी इस्तेमाल किया जाएगा। यह देश के विभिन्न राज्यों की 22 और 19 विदेशी भाषाओं को हिंदी और अंग्रेजी में बदलकर चिकित्सक तक पहुंचा देगा। इससे मरीज अपनी स्थानीय भाषा में चिकित्सक से बात कर सकेगा। चिकित्सक के पास अंग्रेजी और हिंदी में बात पहुंचेगी। चिकित्सक जिस भाषा में चाहे जवाब दे, मरीज को सुनाई उसकी स्थानीय भाषा में देगा। इससे महाकुंभ के दौरान मरीजों के इलाज में भाषा किसी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं कर सकेगी।
एआई आधारित आईसीयू के जरिये गंभीर मरीजों के इलाज में बड़ी मदद मिलेगी। विश्व के सबसे बड़े आयोजन में ऐसी सुविधा का चालू होना अनूठी पहल है। इसके लिए मैं छावनी सामान्य अस्पताल को बधाई देता हूं। - डॉ. राकेश शर्मा, एडी हेल्थ।