परिषदीय विद्यालयों में 12460 सहायक अध्यापक भर्ती की 23 अप्रैल से शुरू हो रही काउंसलिंग में फिर से पेच फंस गया है। परिषद ने 2013 बैच के बीटीसी अभ्यर्थियों को मिले ग्रेड पर क्वालिटी प्वाइंट मार्क्स अब तक तय नहीं किए हैं, जबकि पूर्व में कोर्ट ने अंक तय करने का आदेश दिया था। इसे लेकर अभ्यर्थी फिर से हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। कोर्ट ने 23 अप्रैल को परिषद और प्रदेश सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
दरअसल बीटीसी बैच 2012 के परिणाम में अंक के आधार पर फर्स्ट, सेकें ड और थर्ड डिविजन दिए गए थे, जबकि 2013 बैच में डिविजन के बजाए ग्रेडिंग कर दी गई। अभ्यर्थियों को ए, बी और सी ग्रेड दिए गए। 12460 सहायक अध्यापक भर्ती में चयन क्वालिटी प्वाइंट मार्क्स पर होना है। इसके लिए हर डिविजन को अलग-अलग अंक दिए गए। मगर 2013 बैच के अभ्यर्थियों को कोई अंक नहीं दिया, क्योंकि ग्रेड में अंकों की व्यवस्था नहीं थी। इस विसंगति को दूर करने के लिए सरकार ने नियम 9(ख) बनाकर दोनों बैच को अंकों के आधार पर क्वालिटी प्वाइंट मार्क्स देने का निर्णय लिया। इसे एकल न्यायपीठ ने यह कहते हुए रद्द कर दिया था कि 2013 बैच के अभ्यर्थियों को क्वालिटी प्वाइंट मार्क्स देने के लिए कोई आधार नहीं तय किया गया है।
एकल पीठ के आदेश को विशेष अपील में चुनौती दी गई। अपील पर हाईकोर्ट ने बीटीसी बैच 2012 और 2013 के अभ्यर्थियों की 12460 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया के तहत नियुक्ति करने की सरकार को छूट दे दी है, मगर भर्ती करने से पूर्व सरकार को 2013 बैच के अभ्यर्थियों को मिले ग्रेड पर क्वालिटी प्वाइंट मार्क्स तय करने के लिए नियम बनाने के लिए कह दिया। कोर्ट ने नौ नवंबर 2017 को बने नियम के तहत भर्ती करने की अनुमति नहीं दी क्योंकि भर्ती विज्ञापन इससे पहले जारी हुई था। कोर्ट ने कहा कि यदि सरकार 15 दिसंबर 2016 के शासनादेश पर भर्ती करना चाहती है तो पहले नियम बनाने होंगे। जय प्रकाश पटेल आदि की याचिका में कहा गया है कि 11 अप्रैल 2018 को जारी शासनादेश में 12460 सहायक अध्यापक भर्ती के लिए 23 अप्रैल से काउंसलिंग शुरू हो रही है, मगर 2013 बैच के अभ्यर्थियों के लिए क्वालिटी प्वाइंट मार्क्स तय नहीं किए गए हैं। कोर्ट में मामले की सुनवाई 23 अप्रैल को ही होगी।