दस्तक अभियान के तहत घर-घर सर्वे करने पहुंची स्वास्थ्य टीम को शनिवार को सुल्तानपुर भावा के बी ब्लॉक में काम नहीं करने दिया गया। स्थानीय नागरिकों ने इलाके के पार्षद का नाम लेकर कहा कि जब तक उनकी अनुमति नहीं होगी, तब तक किसी को जानकारी नहीं दी जाएगी। किसी तरह का विवाद न हो इसकी वजह से टीम वहां से चुपचाप चली गई। स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी ने मामले की शिकायत सीएमओ से की है। मामला कोरोना कंट्रोलरूम और डीएम तक पहुंचा है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से शनिवार से वार्ड नंबर 69 के बी ब्लॉक में दस्तक अभियान के तहत घर-घर सर्वे का काम शुरू किया है। इसके तहत अब्दुल्ला मस्जिद से लेकर कीडगंज, सुल्तानपुर भावा, करेली इलाके का सर्वे कराया जा रहा है। घर-घर यह पता लगाया जा रहा है कि घर में कोई बीमार तो नहीं है। कोई बाहर से तो नहीं आया है। घर में अगर कोई बीमार है तो डॉक्टरों की टीम भेजकर उपचार भी किया जा रहा है। अभियान के तहत सुल्तानपुर भावा नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बी ब्लॉक में दो आशा कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई गई थी।
आशा कार्यकर्ता सुबह जैसे ही इलाके में पहुंचीं लोगों ने जानकारी देने से मना कर दिया। लोगों ने कहा कि पार्षद ने कोई भी जानकारी देने से मना किया है। विवाद बढ़ता देख टीम लौट गई। सुल्तानपुर भावा न्यू पीएचसी प्रभारी डॉ. कुंजन यादव ने कहा कि स्थानीय लोगों के विरोध को दख्ेाते हुए टीम को बुला लिया गया है और मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। अभियान के दौरान मजिस्ट्रेट भी दौरे पर आए थे, उन्हें भी बता दिया गया है।